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बीएचयू में लाठीचार्ज के खिलाफ पीएम का पुतला फूंका
Updated Tue, 26 Sep 2017 02:07 AM IST
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गोरखपुर।
बीएचयू में लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेसियों ने पीएम का पुतला फूंका और उन्हें बेटी विरोधी करार दिया। इसके साथ ही छात्राओं की इज्जत आबरू को सुरक्षित रखने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की गई। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर की गिरफ्तारी की भर्त्सना की।
सोमवार को जिलाध्यक्ष डॉ. सैयद जमाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने नगर निगम स्थित लक्ष्मी बाई पार्क में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकने के बाद डॉ. जमाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। जब वो सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं तो उन पर बर्बर लाठियां भांजी जाती है। यह तो केंद्र और प्रदेश सरकार के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के उलट है। वाराणसी में रहने के बावजूद आंदोलनरत छात्राओं से प्रधानमंत्री का न मिलना इसकी पुष्टि करता है। महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरि ने कहा कि यह केंद्र और प्रदेश सरकार की शह पर कुलपति की तानाशाही का नमूना है। इस दौरान प्रदेश संगठन सचिव डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय, गोरख लाल श्रीवास्तव, मदन कुमार त्रिपाठी, सुरेश प्रसाद चौधरी, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, अनवर हुसैन, अजय कनौजिया, हाफिज फैयाज आदि मौजूद रहे।
बीएचयू में लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेसियों ने पीएम का पुतला फूंका और उन्हें बेटी विरोधी करार दिया। इसके साथ ही छात्राओं की इज्जत आबरू को सुरक्षित रखने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की गई। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर की गिरफ्तारी की भर्त्सना की।
सोमवार को जिलाध्यक्ष डॉ. सैयद जमाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने नगर निगम स्थित लक्ष्मी बाई पार्क में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकने के बाद डॉ. जमाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। जब वो सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं तो उन पर बर्बर लाठियां भांजी जाती है। यह तो केंद्र और प्रदेश सरकार के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के उलट है। वाराणसी में रहने के बावजूद आंदोलनरत छात्राओं से प्रधानमंत्री का न मिलना इसकी पुष्टि करता है। महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरि ने कहा कि यह केंद्र और प्रदेश सरकार की शह पर कुलपति की तानाशाही का नमूना है। इस दौरान प्रदेश संगठन सचिव डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय, गोरख लाल श्रीवास्तव, मदन कुमार त्रिपाठी, सुरेश प्रसाद चौधरी, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, अनवर हुसैन, अजय कनौजिया, हाफिज फैयाज आदि मौजूद रहे।
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