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डॉ. राजीव को देख मुस्कराए, हाथ मिलाया और लगे गले-Gorakhpur City
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:59 AM IST
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गोरखपुर। जेल में 48 घंटे की अवधि बेचैनी में गुजारने के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा के चेहरे पर शनिवार रात उस वक्त हल्की मुस्कान आई, जब लिखा-पढ़त की औपचारिकता पूरी होने के बाद डॉ. कफील का दाखिला उनकी बैरक (नेहरू बैरक) में कराया गया। कफील ने भी मुस्कान से डॉ. राजीव की मुस्कराहट का जवाब दिया। फिर आगे बढ़कर डॉ. राजीव से हाथ मिलाया और फिर दोनों गले भी मिले।
बकरीद के कारण शनिवार को जेल की भोजन व्यवस्था भी बदली हुई थी। रोटी की जगह पूड़ी थी तो गोभी और बैगन की सब्जियों का साथ था। जेल बंद दोनों डॉक्टरों ने इसी मेन्यू के मुताबिक रात का भोजन साथ-साथ किया।
जेल स्टाफ ने बताया कि जेल में दाखिल होते वक्त डॉ. कफील के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं। खुद को हार्ट का मरीज बताते हुए दोनों हाथ ऊपर की ओर उठाए। नेहरू बैरक तक पहुंचने से पहले बेचैन नजर आ रहे थे लेकिन वहां डॉ. राजीव से सामना होने के बाद चेहरे के हावभाव और चाल-ढाल बदल गई। आंशिक बदलाव डॉ. राजीव में भी देखने को मिला। लगभग 48 घंटे का वक्त डिप्रेशन के मरीज की तरह खामोशी और उदासी से गुजारने वाले डॉ. राजीव के हावभाव दिन में कुछ देर पत्नी पूर्णिमा शुक्ला से मुलाकात का अवसर मिलने पर बदले थे, जबकि रात में कफील के साथ ने उन्हें और बदला।
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक रामधनी ने बताया कि दोनों डॉक्टरों को नेहरू बैरक में रखा गया है। डॉ. कफील ने खुद को हार्ट का मरीज बताया है। दोनों जेल स्टाफ की निगरानी में हैं।
बकरीद के कारण शनिवार को जेल की भोजन व्यवस्था भी बदली हुई थी। रोटी की जगह पूड़ी थी तो गोभी और बैगन की सब्जियों का साथ था। जेल बंद दोनों डॉक्टरों ने इसी मेन्यू के मुताबिक रात का भोजन साथ-साथ किया।
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जेल स्टाफ ने बताया कि जेल में दाखिल होते वक्त डॉ. कफील के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं। खुद को हार्ट का मरीज बताते हुए दोनों हाथ ऊपर की ओर उठाए। नेहरू बैरक तक पहुंचने से पहले बेचैन नजर आ रहे थे लेकिन वहां डॉ. राजीव से सामना होने के बाद चेहरे के हावभाव और चाल-ढाल बदल गई। आंशिक बदलाव डॉ. राजीव में भी देखने को मिला। लगभग 48 घंटे का वक्त डिप्रेशन के मरीज की तरह खामोशी और उदासी से गुजारने वाले डॉ. राजीव के हावभाव दिन में कुछ देर पत्नी पूर्णिमा शुक्ला से मुलाकात का अवसर मिलने पर बदले थे, जबकि रात में कफील के साथ ने उन्हें और बदला।
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक रामधनी ने बताया कि दोनों डॉक्टरों को नेहरू बैरक में रखा गया है। डॉ. कफील ने खुद को हार्ट का मरीज बताया है। दोनों जेल स्टाफ की निगरानी में हैं।