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ओआरएस न होने पर मांगा जवाब
Updated Tue, 04 Jul 2017 02:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
ओआरएस न होने के चलते 25 जून से शासन की मंशा के अनुरूप जिला अस्पताल में दस्त नियंत्रण पखवारा शुरू नहीं हो पाया था। इसे लेकर डीएम ने जिम्मेदारों से जवाब मांगा है।
शासन ने डायरिया के कहर से मासूमों को बचाने के लिए सूबे में दस्त नियंत्रण पखवारा मनाने का फैसला किया। यह पखवारा 26 जून से 10 जुलाई तक संचालित होना था। स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह लाख परिवारों को ओआरएस एवं जिंक का पैकेट बांटने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए जिले में करीब सात लाख ओआरएस के पैकेट और 42 लाख जिंक के टैबलेट की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन मई को दवा आपूर्ति करने वाली कानपुर की फर्म बोकेम फार्मास्युटिकल को आर्डर भेज दिया। फर्म 27 जून को सिर्फ पांच लाख जिंक के टैबलेट की आपूर्ति कर सकी। ओआरएस का पैकेट देने से फ र्म ने हाथ खड़े कर दिया है। डीएम ने पूरे मामले में सीएमओ से तीन दिन में जवाब देने को कहा। देर शाम तक डीएम का पत्र विभाग को मिल गया।
गोरखपुर।
ओआरएस न होने के चलते 25 जून से शासन की मंशा के अनुरूप जिला अस्पताल में दस्त नियंत्रण पखवारा शुरू नहीं हो पाया था। इसे लेकर डीएम ने जिम्मेदारों से जवाब मांगा है।
शासन ने डायरिया के कहर से मासूमों को बचाने के लिए सूबे में दस्त नियंत्रण पखवारा मनाने का फैसला किया। यह पखवारा 26 जून से 10 जुलाई तक संचालित होना था। स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह लाख परिवारों को ओआरएस एवं जिंक का पैकेट बांटने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए जिले में करीब सात लाख ओआरएस के पैकेट और 42 लाख जिंक के टैबलेट की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन मई को दवा आपूर्ति करने वाली कानपुर की फर्म बोकेम फार्मास्युटिकल को आर्डर भेज दिया। फर्म 27 जून को सिर्फ पांच लाख जिंक के टैबलेट की आपूर्ति कर सकी। ओआरएस का पैकेट देने से फ र्म ने हाथ खड़े कर दिया है। डीएम ने पूरे मामले में सीएमओ से तीन दिन में जवाब देने को कहा। देर शाम तक डीएम का पत्र विभाग को मिल गया।
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