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२१ लाख का घोटाला, प्रधान का पावर सीज
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शौचालय निर्माण में 21 लाख का घोटाला, प्रधान का पावर सीज
गोरखपुर। ग्राम पंचायत सरया तिवारी में करीब 175 शौचालयों के करीब 21 लाख रुपये के घोटाले में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने प्रधान का प्रशासनिक व वित्तीय पावर सीज कर दिया है। गांव के पूर्व सचिव पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
जिला खुले में शौचमुक्त हुए करीब डेढ़ साल का समय बीतने को है और रोजाना किसी न किसी गांव में सैकड़ों की संख्या में शौचालय नहीं बनने का मामला सामने आ रहा है। प्रधान और सचिव रुपये निकाल ले रहे है, लेकिन शौचालयों का निर्माण ही नहीं करा रहे हैं। कई गांवों में कार्रवाई भी हुई, मगर इसका भी बहुत असर पड़ता नहीं दिख रहा। ताजा मामला खजनी ब्लॉक के सरया तिवारी गांव का सामने आया है।
गांव के कामों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। खजनी के एडीओ पंचायत की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर डीएम ने यह कार्रवाई की। मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी आनंद सिंह को सौंपी गई है। डीएम के तरफ से जारी आदेश के मुताबिक गांव में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 973 शौचालयों के लिए 1.16 करोड़ रुपये ग्राम निधि के खाते में भी भेजे गए थे।
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पूरी रकम निकाल ली गई मगर 798 के ही निर्माण की पुष्टि हुई। 175 शौचालय का निर्माण कराया जाना बाकी है। यही नहीं प्रधान के साथ ही आरोपी बताए जा रहे पूर्व ग्राम पंचायत सचिव(सेक्रेटरी) ने कार्यक्षेत्र बदले जाने के बाद न तो नए सेक्रेटरी को शौचालय वितरण रजिस्टर मुहैया कराया और न ही कैशबुक ही दिया।
शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की रिपोर्ट पर प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर गांव में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है, जो गांव के कामों को देखेगी। विस्तृत जांच कराई जा रही है। घोटाला मिला तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ
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गोरखपुर। ग्राम पंचायत सरया तिवारी में करीब 175 शौचालयों के करीब 21 लाख रुपये के घोटाले में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने प्रधान का प्रशासनिक व वित्तीय पावर सीज कर दिया है। गांव के पूर्व सचिव पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
जिला खुले में शौचमुक्त हुए करीब डेढ़ साल का समय बीतने को है और रोजाना किसी न किसी गांव में सैकड़ों की संख्या में शौचालय नहीं बनने का मामला सामने आ रहा है। प्रधान और सचिव रुपये निकाल ले रहे है, लेकिन शौचालयों का निर्माण ही नहीं करा रहे हैं। कई गांवों में कार्रवाई भी हुई, मगर इसका भी बहुत असर पड़ता नहीं दिख रहा। ताजा मामला खजनी ब्लॉक के सरया तिवारी गांव का सामने आया है।
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गांव के कामों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। खजनी के एडीओ पंचायत की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर डीएम ने यह कार्रवाई की। मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी आनंद सिंह को सौंपी गई है। डीएम के तरफ से जारी आदेश के मुताबिक गांव में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 973 शौचालयों के लिए 1.16 करोड़ रुपये ग्राम निधि के खाते में भी भेजे गए थे।
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पूरी रकम निकाल ली गई मगर 798 के ही निर्माण की पुष्टि हुई। 175 शौचालय का निर्माण कराया जाना बाकी है। यही नहीं प्रधान के साथ ही आरोपी बताए जा रहे पूर्व ग्राम पंचायत सचिव(सेक्रेटरी) ने कार्यक्षेत्र बदले जाने के बाद न तो नए सेक्रेटरी को शौचालय वितरण रजिस्टर मुहैया कराया और न ही कैशबुक ही दिया।
शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की रिपोर्ट पर प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर गांव में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है, जो गांव के कामों को देखेगी। विस्तृत जांच कराई जा रही है। घोटाला मिला तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ