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सबसे ज्यादा टीबी पीड़ित कैंपियरगंज क्षेत्र में
Fri, 18 Jan 2019 12:36 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Fri, 18 Jan 2019 12:36 AM IST
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- फोटो : डेमो
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गोरखपुर। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में टीबी पीड़ितों को खोजने के लिए चलाए गए अभियान का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। सात जनवरी से शुरू हुए पांचवें चरण के अभियान में कुल 214 टीमों ने अलग-अलग इलाकों से ढाई हजार सैंपल लिए थे। 123 लोगों में इस रोग की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक मरीज कैंपियरगंज ब्लॉक क्षेत्र में मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग के पास 16 जनवरी तक की रिपोर्ट में कुल 2514 लोगों के सैंपल जमा हुए थे। कैंपियरगंज में 109 लोगों की जांच की गई, जिनमें 17 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। बांसगांव में 201 मरीजों की जांच हुई। उनमें नौ मरीज मिले। ऊरवा में 164 की जांच में आठ मरीज पाए गए। अभियान के लिए लगाई गई प्रति टीम को पचास घरों से सैंपल जुटाने थे। इन घरों में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी और गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से सैंपल लिए गए थे। मरीजों को नजदीकी सरकारी अस्पताल से डाट्स पद्धति के आधार पर निशुल्क चिकित्सा दी जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग के पास 16 जनवरी तक की रिपोर्ट में कुल 2514 लोगों के सैंपल जमा हुए थे। कैंपियरगंज में 109 लोगों की जांच की गई, जिनमें 17 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। बांसगांव में 201 मरीजों की जांच हुई। उनमें नौ मरीज मिले। ऊरवा में 164 की जांच में आठ मरीज पाए गए। अभियान के लिए लगाई गई प्रति टीम को पचास घरों से सैंपल जुटाने थे। इन घरों में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी और गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से सैंपल लिए गए थे। मरीजों को नजदीकी सरकारी अस्पताल से डाट्स पद्धति के आधार पर निशुल्क चिकित्सा दी जाएगी।
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पचास प्रतिशत आबादी कवर
सक्रिय टीबी रोगी खोजो अभियान का पहला चरण 26 दिसंबर 2017 को शुरू हुआ। फरवरी 2018 में दूसरा, जून 2018 में तीसरा, सितंबर 2018 में चौथा चरण था। हर चरण में टीम को पौने पांच लाख आबादी को कवर करना था। पांचवें चरण के पूरा होने पर अभियान के तहत 50 प्रतिशत आबादी कवर कर ली गई है।
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