मुश्किलों का हल ही नहीं, सपनों को भी बल मिला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sun, 25 Nov 2018 01:05 AM IST
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कार्यक्रम में छात्राओं को पुरस्कार भी दिए गए।
कार्यक्रम में छात्राओं को पुरस्कार भी दिए गए। - फोटो : amar ujala

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गोरखपुर। दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज सभागार में शनिवार को व्हिस्पर च्वाइस- अमर उजाला ‘सपनों की उड़ान’ के ग्रैंड फिनाले का मंच बेटियों को आत्मविश्वास का नया मुकाम दे गया। इसमें मासिक धर्म के ‘उन दिनों’ की मुश्किलों का हल ही नहीं, सपनों को बल भी मिला। ‘बालिका वधू’ की ‘सुगना’ विभा आनंद, एसपी जीआरपी पुष्पांजलि और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु गुलाटी ने ‘उन दिनों’ को सामान्य बनाने के लिए मार्गदर्शन देते हुए बेटियों में जोश भी भरा।
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ग्रैंड फिनाले में माताओं के साथ आईं 500 से ज्यादा छात्राएं पहले ही पंजीकरण करा चुकी थीं। फिर भी शनिवार को आयोजन स्थल पर बने पंजीकरण काउंटर पर दोपहर में छात्राओं की भीड़ जमा हो गई। संचालिका दीप्ति सुमन ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रतिभाओं को मंच पर आमंत्रित किया। साक्षी ने ‘...ओ मां’ गीता गाकर सबको भावुक कर दिया। श्रेया ने ‘तेरे जैसा यार कहां...’ गीत गाकर तालियां बटोरीं। रागिनी ने ‘माता पिता के चरणों में स्वर्ग है...’ गीत गाया। 13 साल की काव्या राय चौधरी मंच से माउंट एवरेस्ट विजेता दिव्यांग पर्वतारोही अरुणिमा की कहानी सुनाकर हौसले की ताकत बताई। खुशी प्रजापति और तनिषा ने भी अपने गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके बाद मां और बेटियों की टीम में रस्साकसी प्रतियोगिता हुई। साक्षी, उर्मिला, संध्या, नेहा, प्रीति, मंजू, काव्या और ऋचा के बीच हुई इस रोचक प्रतियोगिता के दौरान खूब तालियां बजीं। बेटियों की टीम से हारकर भी माताएं खुश नजर आईं। गंगोत्री पांडेय और पिंकी इसकी विजेता रहीं।
आत्मरक्षा के गुर सीखे
ताइक्वांडो खिलाड़ी वीना पासवान, माधुरी यादव, प्रतिज्ञा उपाध्याय और गोल्डी पासवान ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। छात्राओं ने पूरी तन्मयता से आत्मरक्षा का डेमो देखा और भविष्य में किसी विषम स्थिति के दौरान इनका इस्तेमाल करने की बात कही।

शार्ट फिल्म से किया गया जागरूक
ग्रैंड फिनाले के मध्य में शार्ट फिल्म दिखाई गई। पीरियड के दिनों की दिक्कतों पर आधारित इस लघु फिल्म के जरिए बच्चियों को सेहत के प्रति जागरूक किया गया। इसमें दिखाया गया कि पीरियड के दौरान कपड़े का इस्तेमाल किस तरह से सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

माताएं मासिक धर्म पर बेटियों से बात करें

अभिनेत्री विभा आनंद ने मंच से माताओं से सवाल किया कि क्या वो मासिक धर्म पर बेटियों से बात करती हैं? इसके बाद उन्होंने इसकी अहमियत समझाई। कहा कि मां बेटी की सबसे अच्छी दोस्त होती है। इसलिए उन्हें पीरियड के प्रति न सिर्फ खुद जागरूक होना चाहिए बल्कि बेटियों से बात करके उन्हें भी जागरूक करना चाहिए। विभा ने अपने पहले मासिक धर्म का अनुभव भी साझा किया।

डेमो देकर समझाया पैड के इस्तेमाल का तरीका
व्हिस्पर की ओर से आईं आमीना तरन्नुम ने छात्राओं को पैड के इस्तेमाल का तरीका डेमो देकर समझाया। बताया कि पैड लगाते वक्त क्या-क्या सावधानियां जरूरी हैं। किस तरह की चूक होने पर सेहत को खतरा हो सकता है।

गीलापन रहेगा तो हो सकती है दिक्कत

स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु गुलाटी ने कहा कि पीरियड के दौरान होने वाली किसी तरह की दिक्कत से घबराने की जरूरत नहीं है। परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। उन्होंने कहा कि पैड लगाते वक्त ध्यान देने योग्य चीज है कि गीलापन बिल्कुल न हो। इससे संक्रमण का खतरा रहता है। उन्होंने इस मुहिम के लिए व्हिस्पर च्वाइस और अमर उजाला की सराहना की।

लकी ड्रा में जीते ईनाम
विभा आनंद और डॉ. मधु गुलाटी ने लकी ड्रा निकाला। इसमें नरगिस बानो, रिद्धि कन्नौजिया, सुष्मिता चौरसिया, अदिति मद्धेशिया, रानी कुमारी, मुस्कान वर्मा, साक्षी राय, शाइना खान और प्रिया त्रिपाठी के नाम निकले। इन्हें मंच पर अपनी चहेती स्टार के साथ फोटो खिंचवाने का मौका मिला। इसके साथ ही आकर्षक उपहार पाकर इनके चेहरे खिल गए।

बहुत जरूरी हैं ऐसे आयोजन
ऐसे आयोजन बहुत जरूरी हैं। चर्चा से परे रहने वाले इस विषय को केंद्र में रखकर इस तरह का शानदार कार्यक्रम करने के लिए व्हिस्पर च्वाइस और अमर उजाला बधाई का पात्र है।
शीतल

हमेशा काम आएगी यहां मिली जानकारी
इस तरह के आयोजन से मासिक धर्म के प्रति बनी गलत सोच बदलेगी। यहां मिली जानकारी काफी उपयोगी है। ये हमेशा काम आएगी। इस जानकारी को दोस्तों को भी बताऊंगी।
प्रियंका साहनी

पीरियड पर ऐसी चर्चा जरूरी
पीरियड से जुड़ी परेशानी को बेटियां चुपचाप झेलती हैं। उन्हें बताया जाता है कि इसे चुपचाप सहना है। ये सोच बदलेगी, अगर इस तरह की चर्चाएं होती रहेंगी। ऐसे आयोजन होने चाहिए।
तबस्सुम

कार्यक्रम से आत्मविश्वास बढ़ा
कार्यक्रम में आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो की तकनीक सीखने को मिली। साथ ही सेहत के लिए कई उपयोगी जानकारी भी यहां से मिली। निश्चित ही जिंदगी भर ये जानकारियां काम आएंगी।
निधि कौर
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