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जांच शुरू होते ही एएमए बीमार
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:07 PM IST
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सिद्धार्थनगर। बिना एस्टीमेट करोड़ों रुपये की 288 परियोजनाओं के टेंडर कराने के मामले की जांच शुरू हो गई है। डीएम के निर्देश पर गठित टीम सोमवार सुबह जिला पंचायत कार्यालय पहुंची और टेंडर से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए। प्रथम दृष्टया जांच में बड़ी अनियमितता की बात सामने आ रही है। वहीं, जांच शुरू होते ही एएमए बीमार हो गए और दोपहर बाद वे मेडिकल अवकाश पर चले गए।जिला पंचायत में शासकीय अनुदान से गड्ढामुक्त अभियान व अन्य योजनाओं के तहत 288 परियोजनाओं के लिए शनिवार को टेंडर प्रकाशित कराया गया था। इन परियोजनाओं की लागत करीब 18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नियमों के अनुसार एस्टीमेट पर प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के बाद ही टेंडर बुलाया जा सकता है, मगर जिला पंचायत के जिम्मेदारों ने मनमानी करते हुए बिना एस्टीमेट तैयार किए टेंडर बुला लिया। प्रकाशन के बाद शिकायत हुई तो आनन-फानन में एस्टीमेट की कवायद शुरू कर दी गई। रविवार को छुट्टी में भी कार्यालय खोलकर एस्टीमेट तैयार किया जा रहा था। जानकारी पर मीडिया पहुंची तो कर्मचारी व अभियंता खिसक लिए। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने टेंडर प्रक्रिया स्थगित करते हुए जांच बैठा दी। सीडीओ के निर्देशन वाली तीन सदस्यीय जांच टीम के दो सदस्य परियोजना निदेशक संत कुमार व वरिष्ठ कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव सोमवार सुबह दफ्तर खुलने के कुछ देर बाद ही जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और टेंडर से जुड़े सारे रिकार्ड तलब कर लिए गए। सूत्रों के मुताबिक आनन-फानन में तैयार हुए कुछ परियोजनाओं के एस्टीमेट तो सौंपे गए, मगर अधिकांश परियोजनाओं का एस्टीमेट ही नहीं था। जांच समिति ने टेंडर बुलाने वाले जिम्मेदारों से इस बारे में जवाब तलब किया। घंटों बाद टीम टेंडर से जुड़े सभी रिकार्ड जब्त कर लौट गई। जांच समिति का कहना था कि रिकार्ड ले लिया गया है, अब विस्तृत अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। समिति ने प्रथम दृष्टया मामले में गड़बड़ी की आशंका जताई है। इस बाबत सीडीओ अनिल कुमार मिश्र का कहना था कि शिकायत के तत्काल बाद टेंडर स्थगित करा दिया गया था। समिति ने टेंडर से जुड़े सभी रिकार्ड जब्त कर लिए हैं। जांच पूरी होने तक टेंडर पर रोक बरकरार रहेगी।
उधर, नियम विरुद्ध ढंग से करोड़ों का टेंडर कराने जा रहे जिला पंचायत में जांच शुरू होते ही जिम्मेदारों की तबीयत बिगड़ गई है। दो दिनों तक मोबाइल बंद कर गायब रहे एएमए सोमवार को कार्यालय पहुंचे। जांच टीम के साथ कुछ देर बिताए और फिर मेडिकल लीव लेकर लौट गए। एएमए अरविंद आनंद का कहना था कि तबीयत खराब है, इसलिए लीव लिया है। सोमवार को जांच टीम आई थी, इसलिए आ गए थे। अब तबीयत ठीक होने पर ही लौटेंगे। बताया कि टेंडर से जुड़े जो भी रिकार्ड टीम ने मांगे, उसे सौंप दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही हुई है।
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उधर, नियम विरुद्ध ढंग से करोड़ों का टेंडर कराने जा रहे जिला पंचायत में जांच शुरू होते ही जिम्मेदारों की तबीयत बिगड़ गई है। दो दिनों तक मोबाइल बंद कर गायब रहे एएमए सोमवार को कार्यालय पहुंचे। जांच टीम के साथ कुछ देर बिताए और फिर मेडिकल लीव लेकर लौट गए। एएमए अरविंद आनंद का कहना था कि तबीयत खराब है, इसलिए लीव लिया है। सोमवार को जांच टीम आई थी, इसलिए आ गए थे। अब तबीयत ठीक होने पर ही लौटेंगे। बताया कि टेंडर से जुड़े जो भी रिकार्ड टीम ने मांगे, उसे सौंप दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही हुई है।
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