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सुलह के बाद स्थापित हुई मां दुर्गा की प्रतिमा
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:43 PM IST
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डुमरियागंज(सिद्धार्थनगर)। मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना को लेकर सरोथर कठौतिया गांव में गुरुवार को फिर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। सूचना पर अफसर मय फोर्स मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे की पंचायत के बाद मामला सुलझने पर प्रतिमा स्थापित हुई और पूजन शुरू हो पाया। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के सरोथर कठौतिया गांव में प्रतिमा स्थापना के लिए पूजन समिति के लोग बुधवार की देर शाम प्रतिमा लेकर गांव पहुंचे। बताते हैं कि तय स्थान पर प्रतिमा स्थापना के लिए प्रक्रिया शुरू हुई तो दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति जताई और विवाद की आशंका जताते हुए सूचना पुलिस को दी। रात में ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूजा समिति के सदस्यों से बातचीत कर प्रतिमा की स्थापना रोक दी। गुरुवार सुबह एसडीएम राजेंद्र प्रसाद व सीओ सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत शुरू की गई। करीब दो घंटे तक बातचीत के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने सुलह समझौता कर विवाद सुलझाया। सुलहनामे में एक पक्ष से साजू शाह, शाहिद अली, वकील अहमद, इसराइल, हैदर अली, इब्राहिम और दूसरे पक्ष से महेश कुमार, सनोज, प्रेम बहादुर, रामसवारे, भगवानदास, सूरज गुप्ता, राजकुमार, राजेंद्र ने भाजपा नेता लवकुश ओझा की मौजूदगी में तीन बिंदुओं पर हस्ताक्षर किया। समझौते के तहत मूर्ति गांव के नीबर विश्वकर्मा के घर के सामने स्थापित कर पूजा-पाठ शुरू करने के साथ निर्धारित दिवस पर विसर्जन करना होगा। मूर्ति के पास किसी प्रकार का साउंड सिस्टम नहीं लगेगा, सामान्य स्तर से पूजा की जाएगी। समझौता का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान त्रिलोकपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार मिश्रा थाने की फोर्स के साथ मौजूद रहे। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मूर्ति गांव के बीच में रखने और साउंड बजाने को लेकर विवाद का दोनों पक्षों में बातचीत कर सुलह करा दी गई है। सुलहनामे का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मूर्ति स्थापना की मांग को लेकर श्रद्धालुओं ने किया था पैदल मार्च
डुमरियागंज। वर्ष 2012 में सरोथर कठौतिया गांव में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की थी, मगर गांव के कुछ लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। गांव में फोर्स तैनात कर लोगों को पूजा-पाठ से रोक दिया गया था। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भाजपा के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के नेतृत्व में सरोथर कठौतिया से डुमरियागंज, बांसी होते हुए जिला मुख्यालय पर पैदल पहुंचकर डीएम से मूर्ति पूजा करने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। नौ दिनों तक मूर्ति बिना पूजा पाठ के ही मौके पर पड़ी रही। ग्रामीणों के विसर्जन से इनकार के बाद दशहरा पर पुलिस फोर्स ने खुद ही मूर्ति को गांव के पोखरे में विसर्जन कर दिया गया था।
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मूर्ति स्थापना की मांग को लेकर श्रद्धालुओं ने किया था पैदल मार्च
डुमरियागंज। वर्ष 2012 में सरोथर कठौतिया गांव में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की थी, मगर गांव के कुछ लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। गांव में फोर्स तैनात कर लोगों को पूजा-पाठ से रोक दिया गया था। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भाजपा के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के नेतृत्व में सरोथर कठौतिया से डुमरियागंज, बांसी होते हुए जिला मुख्यालय पर पैदल पहुंचकर डीएम से मूर्ति पूजा करने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। नौ दिनों तक मूर्ति बिना पूजा पाठ के ही मौके पर पड़ी रही। ग्रामीणों के विसर्जन से इनकार के बाद दशहरा पर पुलिस फोर्स ने खुद ही मूर्ति को गांव के पोखरे में विसर्जन कर दिया गया था।
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