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भटहट सीएचसी पहुंचे स्वाथ्य विभाग के दूत
Updated Fri, 04 Aug 2017 01:34 AM IST
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गोरखपुर।
भटहट सीएचसी में इलाज के दौरान रघुनाथपुर गांव के हरिश्चंद्र निषाद (45 साल) की मौत और उसकी लाश को कंधे से ढोने का मामला सामने आने के बाद गुरुवार को प्रशासनिक अफसर हरकत में दिखा। डीएम राजीव रौतेला ने पूरे मामले की रिपोर्ट सीएमओ से तलब की। इसके बाद सीएमओ रवींद्र कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच-पड़ताल करने भटहट सीएचसी पहुंच गई। टीम ने सीएचसी के हर हिस्से में जाकर छानबीन की, जहां खामियां मिलीं। मरीजों की भर्ती और उन्हें रेफर करने का रिकार्ड तक न बनने पर टीम ने कड़ी नाराजगी जताई। आला अफसरों की छानबीन से सीएचसी प्रभारी और चिकित्सकों की सिट्टी, पिट्टी गुम रही।
गुलरिहा के रघुनाथपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र निषाद (45) मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता था। बुधवार सुबह नौ बजे चाय पीने के बाद हरिश्चंद्र को खांसी आने लगी और गले में दर्द होने लगा। इस पर घर वालों ने 108 नंबर पर फोन किया। इसके बाद एंबुलेंस से हरिश्चंद्र को लेकर भटहट सामुदायिक केंद्र गए। करीब 30 मिनट के इलाज के बाद हरिश्चंद्र ने दम तोड़ दिया। इस पर घर वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। हरिश्चंद्र के मरने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से असंवेदनशील रवैया अपनाया गया। शव वाहन नहीं उपलब्ध कराया गया। स्ट्रेचर तक उपलब्ध कराने की जरूरत नहीं समझी गई। इसी वजह से हरिश्चंद्र के बेटे अच्छेलाल नेे पिता की लाश कंधे पर उठाई और टैंपो तक ले गए।
इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। गुरुवार को पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई लेकिन अपर निदेशक स्वास्थ्य ने संज्ञान लिया। डीएम ने भी रिपोर्ट तलब की। इससे दबाव में आए सीएमओ ने सीएचसी का निरीक्षण कर पूरी रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट जल्द ही डीएम के पास भेजी जाएगी। जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भटहट प्रतिनिधि के मुताबिक निरीक्षण में तमाम खामियां मिली हैं।
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ये मिलीं खामियां
नहीं मिला अप टू डेट ओपीडी रजिस्टर
महज 20 हजार का मिला रजिस्ट्रेशन
साफ-सफाई से भी संतोषजनक नहीं थी
मरीजों के बेड की चादरें गंदी पाई गईं
ईटीसी सेंटर में मिला दवा का स्टोर
(इसके अलावा स्ट्रेचर की संख्या और शवदाह वाहन की भी जांच की गई)
तीन सदस्यीय टीम करेगी मामले की जांच
भटहट सीएचसी से कंधे पर लाश ढोने की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। अपर निदेशक स्वास्थ्य पुष्कर आंनद ने गुरुवार को ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. आरके पांडेय की अगुवाई में टीम गठित करने का आदेश जारी कर दिया। कमेटी में एसीएमओ डॉ. एसके पांडेय और एसीएमओ डॉ. नंद कुमार को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी को एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देनी है।
भटहट सीएचसी में इलाज के दौरान रघुनाथपुर गांव के हरिश्चंद्र निषाद (45 साल) की मौत और उसकी लाश को कंधे से ढोने का मामला सामने आने के बाद गुरुवार को प्रशासनिक अफसर हरकत में दिखा। डीएम राजीव रौतेला ने पूरे मामले की रिपोर्ट सीएमओ से तलब की। इसके बाद सीएमओ रवींद्र कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच-पड़ताल करने भटहट सीएचसी पहुंच गई। टीम ने सीएचसी के हर हिस्से में जाकर छानबीन की, जहां खामियां मिलीं। मरीजों की भर्ती और उन्हें रेफर करने का रिकार्ड तक न बनने पर टीम ने कड़ी नाराजगी जताई। आला अफसरों की छानबीन से सीएचसी प्रभारी और चिकित्सकों की सिट्टी, पिट्टी गुम रही।
गुलरिहा के रघुनाथपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र निषाद (45) मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता था। बुधवार सुबह नौ बजे चाय पीने के बाद हरिश्चंद्र को खांसी आने लगी और गले में दर्द होने लगा। इस पर घर वालों ने 108 नंबर पर फोन किया। इसके बाद एंबुलेंस से हरिश्चंद्र को लेकर भटहट सामुदायिक केंद्र गए। करीब 30 मिनट के इलाज के बाद हरिश्चंद्र ने दम तोड़ दिया। इस पर घर वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। हरिश्चंद्र के मरने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से असंवेदनशील रवैया अपनाया गया। शव वाहन नहीं उपलब्ध कराया गया। स्ट्रेचर तक उपलब्ध कराने की जरूरत नहीं समझी गई। इसी वजह से हरिश्चंद्र के बेटे अच्छेलाल नेे पिता की लाश कंधे पर उठाई और टैंपो तक ले गए।
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इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। गुरुवार को पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई लेकिन अपर निदेशक स्वास्थ्य ने संज्ञान लिया। डीएम ने भी रिपोर्ट तलब की। इससे दबाव में आए सीएमओ ने सीएचसी का निरीक्षण कर पूरी रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट जल्द ही डीएम के पास भेजी जाएगी। जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भटहट प्रतिनिधि के मुताबिक निरीक्षण में तमाम खामियां मिली हैं।
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ये मिलीं खामियां
नहीं मिला अप टू डेट ओपीडी रजिस्टर
महज 20 हजार का मिला रजिस्ट्रेशन
साफ-सफाई से भी संतोषजनक नहीं थी
मरीजों के बेड की चादरें गंदी पाई गईं
ईटीसी सेंटर में मिला दवा का स्टोर
(इसके अलावा स्ट्रेचर की संख्या और शवदाह वाहन की भी जांच की गई)
तीन सदस्यीय टीम करेगी मामले की जांच
भटहट सीएचसी से कंधे पर लाश ढोने की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। अपर निदेशक स्वास्थ्य पुष्कर आंनद ने गुरुवार को ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. आरके पांडेय की अगुवाई में टीम गठित करने का आदेश जारी कर दिया। कमेटी में एसीएमओ डॉ. एसके पांडेय और एसीएमओ डॉ. नंद कुमार को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी को एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देनी है।