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निकाय वोटर लिस्ट से उड़ाए जाएंगे फर्जी नाम
Updated Sat, 17 Jun 2017 02:27 AM IST
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गोरखपुर। नगर निगम के साथ ही नगर पंचायत बांसगांव और पीपीगंज की वोटर लिस्ट से फर्जी वोटरों के नाम उड़ाए जाएंगे। इसके लिए 27 जून तक अभियान चलेगा। बीएलओ घर-घर जाकर संदिग्ध वोटरों का सत्यापन करेंगे और फर्जी पाए जाने पर उनक ी लिस्ट तैयार करेंगे। 28 और 29 को आयोग के विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए वोटर लिस्ट से सभी फर्जी वोटरों के नाम हटाए जाएंगे। 30 जून को अंतिम रूप से तैयार पुनरीक्षित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
आयोग की जांच में सबसे ज्यादा फर्जी वोटर बांसगांव में मिले हैं। वहां जनसंख्या की तुलना में वोटर की संख्या मानक से करीब नौ फीसदी अधिक है। आयोग के मानक के मुताबिक नगर निगम और नगर पंचायतों में जनसंख्या की तुलना में अधिक तम 70 फीसदी ही वोटर होने चाहिए। विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में यह मानक 60 फीसदी का है, मगर माना जाता है कि शहरों में बहुत से लोग दूसरे जिलों या फिर गांवों के भी होते हैं। निर्वाचन कार्यालय से मिले आकंड़ों के मुताबिक नगर निगम में 74.59 तो बांसगांव में सर्वाधिक 78.9 फीसदी वोटर हैं। पीपीगंज में 75.4 फीसदी वोटर हैं। उधर दोबारा रैपिड सर्वे भी शुरू हो गया है। 45 दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
आयोग की जांच में सबसे ज्यादा फर्जी वोटर बांसगांव में मिले हैं। वहां जनसंख्या की तुलना में वोटर की संख्या मानक से करीब नौ फीसदी अधिक है। आयोग के मानक के मुताबिक नगर निगम और नगर पंचायतों में जनसंख्या की तुलना में अधिक तम 70 फीसदी ही वोटर होने चाहिए। विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में यह मानक 60 फीसदी का है, मगर माना जाता है कि शहरों में बहुत से लोग दूसरे जिलों या फिर गांवों के भी होते हैं। निर्वाचन कार्यालय से मिले आकंड़ों के मुताबिक नगर निगम में 74.59 तो बांसगांव में सर्वाधिक 78.9 फीसदी वोटर हैं। पीपीगंज में 75.4 फीसदी वोटर हैं। उधर दोबारा रैपिड सर्वे भी शुरू हो गया है। 45 दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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