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जेईई
Updated Mon, 12 Jun 2017 08:07 PM IST
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राजमिस्त्री का बेटा बनेगा इंजीनियर
- जेईई एडवांस में 272वीं रैंक पाकर गोमती प्रसाद ने बढ़ाया जिले का मान
- लखनऊ से किया इंटर, कानपुर में रह की इंजीनियरिंग की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर (संतकबीरनगर)।
सपनों के पंख के सहारे हौसले जब उड़ान भरते हैं, तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल हो जाती है। एक साधारण राज मिस्त्री के बेटे गोमती प्रसाद ने जेईई एडवांस-2017 की परीक्षा में 272वीं रैंक लाकर कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है। बेटे की इस कामयाबी से पूरा परिवार फूला नहीं समा रहा है।
जेईई एडवांस में 272वीं रैंक हासिल कर महुली क्षेत्र के नैनाझाला निवासी राजमिस्त्री पिलोरी चौहान के बेटे गोमती प्रसाद ने न सिर्फ माता-पिता का नाम रोशन किया, बल्कि जिले का भी मान बढ़ाया है। गोमती प्रसाद ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय जगदीशपुर गौरा से 2014 में हाईस्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालय लखनऊ से 2016 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह कानपुर में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी में जुट गए। गोमती ने बताया कि वह रात आठ बजे हल्का नाश्ता करके पढ़ने बैठ जाते हैं और रात एक बजे तक पढ़ते हैं। इसके लिए भी टाइम टेबल बना रखा है। परिवार की गरीबी उसकी सफलता में रुकावट नहीं बन पाई। जरूरत के अनुसार पिता हमेशा ही उसे पैसे देते रहे। इसी का नतीजा है कि वह गांव का पहला इंजीनियर बन पाएगा।
गोमती की सफलता की खबर से परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। माता-पिता बेहद खुश हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि कड़ी मेहनत का नतीजा है कि बेटे को यह सफलता मिली है। पिता ने बताया कि लोगों का घर बनाने के एवज में उन्हें जो पैसा मजदूरी में मिलता था, उसे बड़ी उम्मीद के साथ बेटे की पढ़ाई पर खर्च कर देते थे। बेटे की सफलता पर पहले तो उन्हें एकाएक तो यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब बेटे ने समझाया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां गायत्री देवी भी बेटे की उपलब्धि से गौरवान्वित हैं। गोमती प्रसाद की इस सफलता पर जवाहर नवोदय विद्यालय जगदीशपुर गौरा के प्राचार्य डाक्टर एसपी दूबे ने भी बधाई दी है।
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राजमिस्त्री का बेटा बनेगा इंजीनियर
- जेईई एडवांस में 272वीं रैंक पाकर गोमती प्रसाद ने बढ़ाया जिले का मान
- लखनऊ से किया इंटर, कानपुर में रह की इंजीनियरिंग की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर (संतकबीरनगर)।
सपनों के पंख के सहारे हौसले जब उड़ान भरते हैं, तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल हो जाती है। एक साधारण राज मिस्त्री के बेटे गोमती प्रसाद ने जेईई एडवांस-2017 की परीक्षा में 272वीं रैंक लाकर कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है। बेटे की इस कामयाबी से पूरा परिवार फूला नहीं समा रहा है।
जेईई एडवांस में 272वीं रैंक हासिल कर महुली क्षेत्र के नैनाझाला निवासी राजमिस्त्री पिलोरी चौहान के बेटे गोमती प्रसाद ने न सिर्फ माता-पिता का नाम रोशन किया, बल्कि जिले का भी मान बढ़ाया है। गोमती प्रसाद ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय जगदीशपुर गौरा से 2014 में हाईस्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालय लखनऊ से 2016 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह कानपुर में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी में जुट गए। गोमती ने बताया कि वह रात आठ बजे हल्का नाश्ता करके पढ़ने बैठ जाते हैं और रात एक बजे तक पढ़ते हैं। इसके लिए भी टाइम टेबल बना रखा है। परिवार की गरीबी उसकी सफलता में रुकावट नहीं बन पाई। जरूरत के अनुसार पिता हमेशा ही उसे पैसे देते रहे। इसी का नतीजा है कि वह गांव का पहला इंजीनियर बन पाएगा।
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गोमती की सफलता की खबर से परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। माता-पिता बेहद खुश हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि कड़ी मेहनत का नतीजा है कि बेटे को यह सफलता मिली है। पिता ने बताया कि लोगों का घर बनाने के एवज में उन्हें जो पैसा मजदूरी में मिलता था, उसे बड़ी उम्मीद के साथ बेटे की पढ़ाई पर खर्च कर देते थे। बेटे की सफलता पर पहले तो उन्हें एकाएक तो यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब बेटे ने समझाया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां गायत्री देवी भी बेटे की उपलब्धि से गौरवान्वित हैं। गोमती प्रसाद की इस सफलता पर जवाहर नवोदय विद्यालय जगदीशपुर गौरा के प्राचार्य डाक्टर एसपी दूबे ने भी बधाई दी है।
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