{"_id":"570952c24f1c1b4a2dc811e2","slug":"200-acre-wheat-burn-in-fire","type":"story","status":"publish","title_hn":"200 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
200 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जली
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 10 Apr 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
हाइवे जाम करने के दौरान गांव वालों की पुलिस से झड़प भी हुई।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आग का कहर पिछले कई दिनों से जारी है। शनिवार को उरुवा, बेलीपार, सिकरीगंज, चौरीचौरा, सहजनवां और पिपराइच क्षेत्र में आग से भारी तबाही मची। 200 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई। बेलीपार में फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने मेहरौली में गोरखपुर-वाराणसी हाइवे एक घंटे तक जाम रखा। गुलरिहा क्षेत्र में जंगल भेलनपुर टिकरिया में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
उरुवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार हेमचौरा गांव में आग से 25 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। बताया गया कि खेत के बगल में बाग में एक व्यक्ति ने महुआ का पत्ता जलाया था। उसकी चिंगारी से आग पकड़ ली। तेज हवा के कारण आग की लपट करीब एक दर्जन से अधिक किसानों के गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के प्रयास से किसी तरह काबू पाया गया। सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने से लोगों में गुस्सा था।
बेलीपार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मेहरौली ढाबा के पीछे खेत में दोपहर एक बजे अज्ञात कारणों से आग लगने से दो एकड़ से अधिक फसल जल कर राख हो गई। आग बुझाने के लिए बगल में लगे वाटर पंप के माध्यम से सड़क के रास्ते उस पार पाइप ले जाकर ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई। इस बीच वाराणसी हाइवे पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया था।
विज्ञापन
कुछ प्राइवेट वाहन चालक पानी के पाइप के ऊपर से गाड़ी चढ़ाकर निकलने का प्रयास करने लगे जिससे आग बुझाने में दिक्कत आने लगी। फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने और आग और फैलने की आशंका से नाराज लोगों ने भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) के मंडल संगठन महामंत्री लक्ष्मी चंद्र शुक्ला के नेतृत्व में गांव के सामने हाइवे जाम कर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम से करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
उधर, बाघागाडा के दर्जनों किसानों की हरहरवा गांव के पास स्थित 13 एकड़ गेहूं की फसल शार्ट सर्किट से जल गई। ग्रामीणों के सहयोग से काबू पाया गया। यहां आग बुझने के बाद दमकल गाड़ी पहुंची।
सहजनवां प्रतिनिधि के अनुसार कटाई टीकर के मिश्रौलिया में सुबह नौ बजे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से सच्चिदानंद यादव, जटा शंकर मिश्र, राम समुझ तथा अन्य लोगों की चार एकड़ फसल जल गई। उधर, शाम पांच बजे भरसाड़-फरसाडाड़ मार्ग पर तारकोल गर्म करते समय आग की चिंगारी से गेहूं के खेत में आग लग गई जिससे करीब 140 एकड़ फसल जल गई। इसके अलावा गोरेडीह और सिंघवलिया में पंपिंग सेट की चिंगारी से कई किसानों की फसल जल गई। दमकल नहीं पहुंचने से लोगों में काफी आक्रोश था।
पिपराइच प्रतिनिधि के अनुसार तुरा बाजार के टोला भगवानपुर में दोपहर दो बजे बिजली का तार टूट कर खेत में गिरने से ईश्वर चौहान, विरेंद्र मिश्री, हरिश्चंद्र का लगभग दो बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
सिकरीगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के गणेशपुर गांव में दोपहर 12 बजे घूर की चिंगारी से वेद कोहार, प्रेम तिवारी, रामप्रवेश आदि के नौ बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों द्वारा जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
गोपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार गोला क्षेत्र के चिलवां गांव में गेहूं के कटे खेत की डंठल में लगी आग से दो मंडा गेहूं तथा तीन मंडा अरहर की फसल जल गई। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड के प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका।
विज्ञापन
उरुवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार हेमचौरा गांव में आग से 25 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। बताया गया कि खेत के बगल में बाग में एक व्यक्ति ने महुआ का पत्ता जलाया था। उसकी चिंगारी से आग पकड़ ली। तेज हवा के कारण आग की लपट करीब एक दर्जन से अधिक किसानों के गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के प्रयास से किसी तरह काबू पाया गया। सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने से लोगों में गुस्सा था।
विज्ञापन
बेलीपार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मेहरौली ढाबा के पीछे खेत में दोपहर एक बजे अज्ञात कारणों से आग लगने से दो एकड़ से अधिक फसल जल कर राख हो गई। आग बुझाने के लिए बगल में लगे वाटर पंप के माध्यम से सड़क के रास्ते उस पार पाइप ले जाकर ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई। इस बीच वाराणसी हाइवे पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया था।
विज्ञापन
कुछ प्राइवेट वाहन चालक पानी के पाइप के ऊपर से गाड़ी चढ़ाकर निकलने का प्रयास करने लगे जिससे आग बुझाने में दिक्कत आने लगी। फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने और आग और फैलने की आशंका से नाराज लोगों ने भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) के मंडल संगठन महामंत्री लक्ष्मी चंद्र शुक्ला के नेतृत्व में गांव के सामने हाइवे जाम कर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम से करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
उधर, बाघागाडा के दर्जनों किसानों की हरहरवा गांव के पास स्थित 13 एकड़ गेहूं की फसल शार्ट सर्किट से जल गई। ग्रामीणों के सहयोग से काबू पाया गया। यहां आग बुझने के बाद दमकल गाड़ी पहुंची।
सहजनवां प्रतिनिधि के अनुसार कटाई टीकर के मिश्रौलिया में सुबह नौ बजे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से सच्चिदानंद यादव, जटा शंकर मिश्र, राम समुझ तथा अन्य लोगों की चार एकड़ फसल जल गई। उधर, शाम पांच बजे भरसाड़-फरसाडाड़ मार्ग पर तारकोल गर्म करते समय आग की चिंगारी से गेहूं के खेत में आग लग गई जिससे करीब 140 एकड़ फसल जल गई। इसके अलावा गोरेडीह और सिंघवलिया में पंपिंग सेट की चिंगारी से कई किसानों की फसल जल गई। दमकल नहीं पहुंचने से लोगों में काफी आक्रोश था।
पिपराइच प्रतिनिधि के अनुसार तुरा बाजार के टोला भगवानपुर में दोपहर दो बजे बिजली का तार टूट कर खेत में गिरने से ईश्वर चौहान, विरेंद्र मिश्री, हरिश्चंद्र का लगभग दो बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
सिकरीगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के गणेशपुर गांव में दोपहर 12 बजे घूर की चिंगारी से वेद कोहार, प्रेम तिवारी, रामप्रवेश आदि के नौ बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों द्वारा जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
गोपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार गोला क्षेत्र के चिलवां गांव में गेहूं के कटे खेत की डंठल में लगी आग से दो मंडा गेहूं तथा तीन मंडा अरहर की फसल जल गई। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड के प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका।