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महामहिम बोले, बदल रहा है गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:57 AM IST
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राम नाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। दो दिवसीय (9-10 दिसंबर) दौरे पर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को गोरखपुरवासियों से खुद को जोड़ा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर से पुराना नाता है। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार आए हैं। जो कुछ देखा, उससे कह सकता हूं कि गोरखपुर बदल रहा है।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के मुख्य महोत्सव और सम्मान समारोह में आए राष्ट्रपति ने कहा विकास कार्यों से जनता को असुविधा होती है लेकिन काम पूरा होने के बाद अच्छा लगता है। 20 सालों में कई बार गोरखपुर आया हूं। अब और तब के गोरखपुर में बड़ा बदलाव दिख रहा है। एम्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। जल्द ही गोरखपुर स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का बड़ा केंद्र बन जाएगा। गुरु गोरखनाथ की स्मृति से जुड़े, राप्ती और रोहिन नदी के किनारे बसे इस शहर में आना सौभाग्य की बात है। यह सौभाग्य हमें मिला है।
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महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के मुख्य महोत्सव और सम्मान समारोह में आए राष्ट्रपति ने कहा विकास कार्यों से जनता को असुविधा होती है लेकिन काम पूरा होने के बाद अच्छा लगता है। 20 सालों में कई बार गोरखपुर आया हूं। अब और तब के गोरखपुर में बड़ा बदलाव दिख रहा है। एम्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। जल्द ही गोरखपुर स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का बड़ा केंद्र बन जाएगा। गुरु गोरखनाथ की स्मृति से जुड़े, राप्ती और रोहिन नदी के किनारे बसे इस शहर में आना सौभाग्य की बात है। यह सौभाग्य हमें मिला है।
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महापुरुष, संत और कवियों को भी याद किया
राष्ट्रपति ने गोरखपुर और आसपास के जिलों से संबंधित महापुरुषों को भी याद किया। कहा कि परमहंस योगानंद का जन्म गोरखपुर में हुआ था। हजरत रोशन अली शाह, मोहम्मद सैय्यद हसन, बाबू बंधु सिंह और राम प्रसाद बिस्मिल का संबंध गोरखपुर से था। यह शहर बाबा राघव दास जैसे राष्ट्र सेवी संत, महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली भी रहा है। मुंशी प्रेमचंद के कथा संसार में गोरखपुर के ग्रामीण अंचल की झलक दिखाई देती है। फिराक गोरखपुरी ने इस शहर का नाम उर्दू साहित्य में अमर कर दिया है। इस क्षेत्र का सौभाग्य है कि गौतम बुद्ध से जुड़ा कुशीनगर और संत कबीर जुड़ा मगहर है। दोनों महान शिक्षक थे।
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