फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   शहर की श्रिति ने लहराया परचाम

शहर की श्रिति ने लहराया परचाम

Wed, 15 Aug 2018 01:49 AM IST
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:49 AM IST
विज्ञापन
शहर की श्रिति ने लहराया परचाम
सभी केंद्र
विज्ञापन


फोटो
शहर की बेटी श्रिति के सस्ते घर के प्रोजेक्ट को यूएन ने माना सर्वश्रेष्ठ
- धान व गेहूं की भूसी के बोर्ड से सस्ते घर बनाने में मदद करेगा संयुक्त राष्ट्र संघ
- अगले छह माह में इन्वेस्टर्स के जरिये पांच लाख डॉलर की मदद का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर की बेटी श्रिति पांडेय ने संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) में दुनिया भर से आए प्रयोगधर्मी वैज्ञानिकों के बीच अपनी बेहतर सोच का परचम लहराया है। धान एवं गेहूं की भूसी से सस्ते व टिकाऊ घर बनाने के उनके प्रोजेक्ट को विशेषज्ञ टीम ने सबसे बेहतर माना। इसके लिए श्रिति पांडेय को एक हजार डॉलर का पुरस्कार दिया गया और यूएन ने अगले छह महीने में इन्वेस्टर्स के जरिये पांच लाख डॉलर की मदद का एलान किया। यही नहीं, यूएन ने उनकी परियोजना पूरी होने तक अलग से मेंटर मुहैया कराने का भी निर्णय लिया, जो सलाहकार की भूमिका में परियोजना पूरी कराएंगे।
श्रिति शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पिता मंकेश्वर नाथ पांडेय एमजी इंटर कॉलेज के प्रबंधक और मां पूर्वी नरायन पांडेय रामनरायन लाल कन्या इंटर कॉलेज की प्रबंधक हैं। यूएन ने दुनिया भर के 200 युवा वैज्ञानिकों को चुनकर उनकी भविष्य की परियोजना की प्रस्तुति के लिए बुलाया था जिसमें श्रिति ने भी हिस्सा लिया था। 10 से 13 अगस्त तक हुए कार्यक्रम में श्रिति ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि खेतों में जला दिए जाने वाले धान व गेहूं के डंठल (अवशेष) से तैयार भूसी में इको फ्रेंडली केमिकल मिलाकर तैयार बोर्ड से भवन निर्माण का प्रोजेक्ट बनाया है। इसके इस्तेमाल से दीवारों में सीलन भी नहीं होगी और लागत भी कम आएगी। विशेषज्ञों ने प्रेजेंटेशन के आधार पर उनकी परियोजना को सर्वश्रेष्ठ करार दिया। श्रिति के पिता मंकेश्वर पांडेय ने बताया कि यूएन के प्रतिनिधियों ने छह महीने में परियोजना पर फंडिंग का भरोसा दिया है। युवा प्रयोगधर्मियों में कनाडा की सारिया लिओन दूसरे स्थान पर रहीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बुल्गारिया एवं सर्बिया के राजदूत, विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त राष्ट्र संघ में चीन के राजदूत तथा संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की स्थायी महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहीं।
विज्ञापन


आदिवासी महिलाओं के उत्थान के लिए किया काम
श्रिति ने न्यूयार्क से कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट की मास्टर डिग्री हासिल की है। छह महीने नौकरी करने के बाद भारत लौट आईं। एसबीआई के यंग फेलोशिप, एक प्रकल्प से जुड़कर 2016 से 2017 तक खंडवा के पंडाना गांव में आदिवासी महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए काम किया। विदेशों में रहने के दौरान कृषि उत्पाद से बनने वाले मकानों का अध्ययन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed