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‘मेरा नाम मथुरा है’ ने चेतना को झकझोरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 17 Feb 2018 08:34 PM IST
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मैं मथुरा हूं नाटक का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ की ओर से आयोजित संभागीय नाट्य समारोह के दूसरे दिन शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन में ‘मेरा नाम मथुरा है’ का मंचन किया गया। इसका निर्देशन मनोज मंजुल ने किया।
प्रो. श्याम मोहन अस्थाना के लिखे ‘मेरा नाम मथुरा है’ की कहानी नारी शोषण, शिक्षा की अधोगति, जमींदारी मानसिकता और नैतिक मूल्यों के पतन का जीवंत चित्रण कर गई। नाटक के जरिए लेखक ने सामाजिक बुराइयों के लिए सरकार, पुलिस, प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सामाजिक चेतना को कठघरे में खड़ाकर समाज को जागरूक करने की कोशिश की है। नाटक के जरिए कलाकारों ने संदेश दिया कि सुखद सामाजिक परिवर्तन के लिए बुद्धिजीवियों की सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो आज उदासीन है। इसीलिए इस नाटक के मुख्य पात्र के रूप में मुंशी प्रेमचंद मंच पर प्रकट होते हैं। नाटक के सभी मुख्य पात्र गोदान के पात्र हैं।
तरुण वर्मा, शिवम सिंह, अर्पित शुक्ला, रमन वाजपेयी, सुहेल मोहम्मद, करन कुमार, शिवम शुक्ला, अर्जुन कुमार, सूर्य प्रकाश, शिवम गंगवार, हर्ष कुमार, ऋषि, अन्नपूर्णा गुप्ता, प्रियंका सक्सेना, मुस्कान सक्सेना ने अपने अभिनय से खूब सराहना बटोरी। संगीत व मंच व्यवस्था शिवा की थी। रूप सज्जा शिमला सक्सेना की रही। आयोजन में जिला प्रशासन के साथ ही रूपांतर नाट्य मंच के निशिकांत पांडेय, अपर्णेश मिश्रा, रवि प्रताप सिंह आदि का सहयोग रहा।
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‘गज-फुट-इंच’ का मंचन आज
संभागीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन रविवार को शाम छह बजे दीक्षा भवन में ‘गज-फुट-इंच’ का नाट्य मंचन किया जाएगा। इसके लेखक पद्मश्री केपी सक्सेना हैं तथा निर्देशन विवेक मिश्रा ‘विष्णु’ का है।
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प्रो. श्याम मोहन अस्थाना के लिखे ‘मेरा नाम मथुरा है’ की कहानी नारी शोषण, शिक्षा की अधोगति, जमींदारी मानसिकता और नैतिक मूल्यों के पतन का जीवंत चित्रण कर गई। नाटक के जरिए लेखक ने सामाजिक बुराइयों के लिए सरकार, पुलिस, प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सामाजिक चेतना को कठघरे में खड़ाकर समाज को जागरूक करने की कोशिश की है। नाटक के जरिए कलाकारों ने संदेश दिया कि सुखद सामाजिक परिवर्तन के लिए बुद्धिजीवियों की सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो आज उदासीन है। इसीलिए इस नाटक के मुख्य पात्र के रूप में मुंशी प्रेमचंद मंच पर प्रकट होते हैं। नाटक के सभी मुख्य पात्र गोदान के पात्र हैं।
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तरुण वर्मा, शिवम सिंह, अर्पित शुक्ला, रमन वाजपेयी, सुहेल मोहम्मद, करन कुमार, शिवम शुक्ला, अर्जुन कुमार, सूर्य प्रकाश, शिवम गंगवार, हर्ष कुमार, ऋषि, अन्नपूर्णा गुप्ता, प्रियंका सक्सेना, मुस्कान सक्सेना ने अपने अभिनय से खूब सराहना बटोरी। संगीत व मंच व्यवस्था शिवा की थी। रूप सज्जा शिमला सक्सेना की रही। आयोजन में जिला प्रशासन के साथ ही रूपांतर नाट्य मंच के निशिकांत पांडेय, अपर्णेश मिश्रा, रवि प्रताप सिंह आदि का सहयोग रहा।
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‘गज-फुट-इंच’ का मंचन आज
संभागीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन रविवार को शाम छह बजे दीक्षा भवन में ‘गज-फुट-इंच’ का नाट्य मंचन किया जाएगा। इसके लेखक पद्मश्री केपी सक्सेना हैं तथा निर्देशन विवेक मिश्रा ‘विष्णु’ का है।