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इमामबाड़ा इस्टेट से निकला शाही जुलूस
Updated Tue, 26 Sep 2017 08:19 PM IST
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गोरखपुर।
मियां साहब इमामबाड़ा इस्टेट से पांचवीं मुहर्रम का शाही जुलूस मंगलवार को परंपरागत तरीके से पूरी शानो शौकत के साथ निकला। जुलूस में सबसे आगे इमामबाड़ा इस्टेट का परचम उसके पीछे बावर्दी सुरक्षा गार्ड और बैंड व शहनाई वादक चल रहे थे। इनके पीछे घुड़सवार जुलूस की शोभा बढ़ाते दिखे। वहीं मियां साहब सफेद पैरहन में निजी अंगरक्षकों के साथ नजर आए।
इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिमी फाटक से शुरू हुए जुलूस के स्वागत का सिलसिला भी यहीं से शुरू हो गया, जो समापन तक चलता ही रहा। जुलूस कमाल शहीद की मजार पर पहुंचा। यहां मियां साहब ने साथियों के साथ फातिहा पढ़ी। फिर बख्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौक, बेनीगंज, जाफरा बाजार होते हुए कर्बला के मैदान में पहुंचा। यहां फिर मियां साहब ने साथियों के साथ शोहदाने कर्बला की याद में फातिहा पढ़ी। यहां से जुलूस इमामबाड़ा काठ की ताजिया पहुंचा। यहां भी फातिहा ख्वानी हुई। इसके बाद साहबगंज इमामबाड़ा झिलमिली शाह में पहुंचे। यहां भी फातिहा के जरिये कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की गई।
साहबगंज तिराहा, खूनीपुर चौराहा होते हुए जुलूस अन्जुमन इस्लामिया पहुंचा। यहां जुलूस में शामिल लोगों को पानी की बोतलें देकर एवं शरबत पिलाकर इस्तकबाल किया गया। नखास चौक होते हुए कोतवाली स्थित सरदार अली खां शहीद की मजार पर पहुंचा। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के इस सेनानी की मजार पर भी मियां साहब ने फातिहा पढ़ी। इसके बाद जुलूस मियां बाजार होते हुए इमामबाड़ा दक्षिणी गेट पर पहुंचा। इमामबाड़ा में पूर्वजों के कब्रिस्तान में फातिहा पढ़कर मियां साहब ने जुलूस के समापन की घोषणा की। जुलूस के साथ जुल्फेकार अहमद, मन्जूर आलम, सैयद शहाब अहमद, हाजी अमीरूद्दीन, शकील शाही, हाजी अमीरुद्दीन, नेयाज अहम, नबी हुसैन, बब्लू, अहमद कमाल उर्फ गुडडु, ख्वाजा शमशुद्दीन, शमीम अहमद, इकबाल खान, खुर्शीद अहमद, जमील एडोकेट, आसिफ अब्दुल्लाह, फैजी बाबा आदि मौजूद रहे। मियां साहब ने सकुशल जुलूस खत्म होने पर पुलिस-प्रशासन एवं इमामबाड़ा मुतवल्ली एक्शन कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल्लाह समेत अन्य पदाधिकारियों का आभार जताया।
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कबूतर उड़ाकर दिया अमन का पैगाम
जाफरा बाजार पुल के पास इश्तेयाक बब्लू, आसिम खान, मोहम्मद आसिफ, हाजी शकील अंसारी ने अपने तमाम साथियों के साथ मियां साहब का इस्तेकबाल किया। इस मौके पर शांति का प्रतीक सफेद कबूतर मियां साहब के जरिए खुले आसमान में उड़ाकर अमन का संदेश दिया गया।
जगह-जगह जुलूस पर बरसाए गए फूल
जुलूस पर कई जगह लोगों ने पुष्प वर्षा की। कई जगहों पर लोगों ने मियां साहब का माल्यार्पण भी किया। स्वागत करने वालों में मोहम्मद निजामुद्दीन, मिर्जा रफीउल्लाह बेग, तौकीर आलम, गुलाम मुस्तफा, मोहम्द तारिक, परवेज, सुधीर सिंह, मो. अजहर, राम सिंह चौरसिया, भगवती जालान आदि प्रमुख रहे।
मियां साहब इमामबाड़ा इस्टेट से पांचवीं मुहर्रम का शाही जुलूस मंगलवार को परंपरागत तरीके से पूरी शानो शौकत के साथ निकला। जुलूस में सबसे आगे इमामबाड़ा इस्टेट का परचम उसके पीछे बावर्दी सुरक्षा गार्ड और बैंड व शहनाई वादक चल रहे थे। इनके पीछे घुड़सवार जुलूस की शोभा बढ़ाते दिखे। वहीं मियां साहब सफेद पैरहन में निजी अंगरक्षकों के साथ नजर आए।
इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिमी फाटक से शुरू हुए जुलूस के स्वागत का सिलसिला भी यहीं से शुरू हो गया, जो समापन तक चलता ही रहा। जुलूस कमाल शहीद की मजार पर पहुंचा। यहां मियां साहब ने साथियों के साथ फातिहा पढ़ी। फिर बख्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौक, बेनीगंज, जाफरा बाजार होते हुए कर्बला के मैदान में पहुंचा। यहां फिर मियां साहब ने साथियों के साथ शोहदाने कर्बला की याद में फातिहा पढ़ी। यहां से जुलूस इमामबाड़ा काठ की ताजिया पहुंचा। यहां भी फातिहा ख्वानी हुई। इसके बाद साहबगंज इमामबाड़ा झिलमिली शाह में पहुंचे। यहां भी फातिहा के जरिये कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की गई।
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साहबगंज तिराहा, खूनीपुर चौराहा होते हुए जुलूस अन्जुमन इस्लामिया पहुंचा। यहां जुलूस में शामिल लोगों को पानी की बोतलें देकर एवं शरबत पिलाकर इस्तकबाल किया गया। नखास चौक होते हुए कोतवाली स्थित सरदार अली खां शहीद की मजार पर पहुंचा। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के इस सेनानी की मजार पर भी मियां साहब ने फातिहा पढ़ी। इसके बाद जुलूस मियां बाजार होते हुए इमामबाड़ा दक्षिणी गेट पर पहुंचा। इमामबाड़ा में पूर्वजों के कब्रिस्तान में फातिहा पढ़कर मियां साहब ने जुलूस के समापन की घोषणा की। जुलूस के साथ जुल्फेकार अहमद, मन्जूर आलम, सैयद शहाब अहमद, हाजी अमीरूद्दीन, शकील शाही, हाजी अमीरुद्दीन, नेयाज अहम, नबी हुसैन, बब्लू, अहमद कमाल उर्फ गुडडु, ख्वाजा शमशुद्दीन, शमीम अहमद, इकबाल खान, खुर्शीद अहमद, जमील एडोकेट, आसिफ अब्दुल्लाह, फैजी बाबा आदि मौजूद रहे। मियां साहब ने सकुशल जुलूस खत्म होने पर पुलिस-प्रशासन एवं इमामबाड़ा मुतवल्ली एक्शन कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल्लाह समेत अन्य पदाधिकारियों का आभार जताया।
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कबूतर उड़ाकर दिया अमन का पैगाम
जाफरा बाजार पुल के पास इश्तेयाक बब्लू, आसिम खान, मोहम्मद आसिफ, हाजी शकील अंसारी ने अपने तमाम साथियों के साथ मियां साहब का इस्तेकबाल किया। इस मौके पर शांति का प्रतीक सफेद कबूतर मियां साहब के जरिए खुले आसमान में उड़ाकर अमन का संदेश दिया गया।
जगह-जगह जुलूस पर बरसाए गए फूल
जुलूस पर कई जगह लोगों ने पुष्प वर्षा की। कई जगहों पर लोगों ने मियां साहब का माल्यार्पण भी किया। स्वागत करने वालों में मोहम्मद निजामुद्दीन, मिर्जा रफीउल्लाह बेग, तौकीर आलम, गुलाम मुस्तफा, मोहम्द तारिक, परवेज, सुधीर सिंह, मो. अजहर, राम सिंह चौरसिया, भगवती जालान आदि प्रमुख रहे।