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अब मानबेला किसानों ने शुरू की भूख हड़ताल
Updated Wed, 20 Sep 2017 08:11 PM IST
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गोरखपुर।
सर्कि ल रेट के मुताबिक मुआवजा देने समेत तीन मांगों को लेकर करीब पखवारे भर से सत्याग्रह पर बैठे मानबेला किसानों ने बुधवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि वे तब हड़ताल जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जातीं।
किसानों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेसी नेता राणा राहुल सिंह का कहना है कि किसानों के हितों की बात करने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार को दरअसल किसानों से कोई सरोकार ही नहीं है। खुद मुख्यमंत्री योगी ने सांसद रहते हुए जिन किसानों के लिए कभी आंदोलन किया था, आज उन्हें उनकी कोई फिक्र ही नहीं। शासन, प्रशासन किसानों की आवाज जबरन दबाकर उनकी जमीन कब्जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि सर्किल रेट के मुताबिक मानबेला एवं उसके आस-पास के गांवों के किसानों की जमीन करीब 13 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेअर पड़ रही है, जबकि गोरखपुर विकास प्राधिकरण 70 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर के हिसाब से मुआवजा दे रहा है। मुआवजे के अलावा किसान दोबारा सर्वे कर मौके पर बन चुके स्कूल, मकान और मस्जिद आदि की इमारतों को अधिग्रहण से बाहर रखने तथा अधिग्रहित जमीन का 10 फीसदी हिस्सा विकसित कर किसानों के लिए सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं।
भूख हड़ताल पर राणा राहुल के साथ ही मोहम्मद हदीश, वीरेंद्र निषाद, रामदेव, रघुवीर सिंह, शमीम अहमद, चमन लाल यादव, सोनमती, दुलारी, अलगी देवी, राजमुनि, जवाहिर गुप्ता, लक्ष्मण निषाद आदि किसान बैठे रहे।
सर्कि ल रेट के मुताबिक मुआवजा देने समेत तीन मांगों को लेकर करीब पखवारे भर से सत्याग्रह पर बैठे मानबेला किसानों ने बुधवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि वे तब हड़ताल जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जातीं।
किसानों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेसी नेता राणा राहुल सिंह का कहना है कि किसानों के हितों की बात करने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार को दरअसल किसानों से कोई सरोकार ही नहीं है। खुद मुख्यमंत्री योगी ने सांसद रहते हुए जिन किसानों के लिए कभी आंदोलन किया था, आज उन्हें उनकी कोई फिक्र ही नहीं। शासन, प्रशासन किसानों की आवाज जबरन दबाकर उनकी जमीन कब्जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि सर्किल रेट के मुताबिक मानबेला एवं उसके आस-पास के गांवों के किसानों की जमीन करीब 13 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेअर पड़ रही है, जबकि गोरखपुर विकास प्राधिकरण 70 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर के हिसाब से मुआवजा दे रहा है। मुआवजे के अलावा किसान दोबारा सर्वे कर मौके पर बन चुके स्कूल, मकान और मस्जिद आदि की इमारतों को अधिग्रहण से बाहर रखने तथा अधिग्रहित जमीन का 10 फीसदी हिस्सा विकसित कर किसानों के लिए सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं।
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भूख हड़ताल पर राणा राहुल के साथ ही मोहम्मद हदीश, वीरेंद्र निषाद, रामदेव, रघुवीर सिंह, शमीम अहमद, चमन लाल यादव, सोनमती, दुलारी, अलगी देवी, राजमुनि, जवाहिर गुप्ता, लक्ष्मण निषाद आदि किसान बैठे रहे।
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