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इंसेफेलाइटिस से 24 घंटे में चार की मौत
Updated Tue, 29 Aug 2017 08:11 PM IST
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गोरखपुर।
पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का जानलेवा कहर थम नहीं पा रहा है। मासूमों के लिए काल का पर्याय बनी इस बीमारी से बीते 24 घंटे के दौरान मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में चार मरीजों की मौत हो गई। इन्हें पिछले दिनों तेज बुखार और झटके आने पर इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहीं इस बीच 19 नए मरीज भी इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराए गए हैं।
इंसेफेलाइटिस से 24 घंटे में दम तोड़ने वालों में संतकबीरनगर के धनघटा निवासी ममता (12), बलिया के रसड़ा निवासी श्वेता सिंह (6), कुशीनगर के पटहेरवा निवासी प्रवीन यादव (4) और महराजगंज के पनियरा निवासी डेढ़ वर्षीय रितेश शामिल हैं। वहीं भर्ती होने वाले 19 मरीजों में गोरखपुर के सात, महराजगंज के पांच, कुशीनगर के तीन, संतकबीरनगर के तीन और सिद्धार्थनगर का एक मरीज शामिल हैं। इसके साथ इस साल अब तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या 743 हो गई है। इनमें से 684 मरीज बालरोग विभाग में और 59 मरीज मेडिसिन वार्ड में भर्ती किए गए। इस साल यहां भर्ती 179 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इसमें बालरोग विभाग में 166 और मेडिसिन विभाग में 13 मौतें हुई थीं। इस समय बीआरडी में 106 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें 95 बालरोग विभाग और 11 मेडिसिन विभाग में भर्ती हैं।
पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का जानलेवा कहर थम नहीं पा रहा है। मासूमों के लिए काल का पर्याय बनी इस बीमारी से बीते 24 घंटे के दौरान मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में चार मरीजों की मौत हो गई। इन्हें पिछले दिनों तेज बुखार और झटके आने पर इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहीं इस बीच 19 नए मरीज भी इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराए गए हैं।
इंसेफेलाइटिस से 24 घंटे में दम तोड़ने वालों में संतकबीरनगर के धनघटा निवासी ममता (12), बलिया के रसड़ा निवासी श्वेता सिंह (6), कुशीनगर के पटहेरवा निवासी प्रवीन यादव (4) और महराजगंज के पनियरा निवासी डेढ़ वर्षीय रितेश शामिल हैं। वहीं भर्ती होने वाले 19 मरीजों में गोरखपुर के सात, महराजगंज के पांच, कुशीनगर के तीन, संतकबीरनगर के तीन और सिद्धार्थनगर का एक मरीज शामिल हैं। इसके साथ इस साल अब तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या 743 हो गई है। इनमें से 684 मरीज बालरोग विभाग में और 59 मरीज मेडिसिन वार्ड में भर्ती किए गए। इस साल यहां भर्ती 179 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इसमें बालरोग विभाग में 166 और मेडिसिन विभाग में 13 मौतें हुई थीं। इस समय बीआरडी में 106 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें 95 बालरोग विभाग और 11 मेडिसिन विभाग में भर्ती हैं।
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