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शिक्षामित्र अनिश्चितकालीन धरने पर

Fri, 28 Jul 2017 11:39 PM IST
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:39 PM IST
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शिक्षामित्र अनिश्चितकालीन धरने पर
संतकबीरनगर। समायोजन रद्द होने से गुस्साए शिक्षामित्रों ने शुक्रवार से जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। जानकारी पर पहुंचे अफसरों के मनाने पर भी शिक्षामित्र नहीं माने। इसी बीच वहां पहुंची बीएसए माया सिंह को शिक्षामित्रों ने ज्ञापन देकर बीएसए कार्यालय में हुई तोड़फोड़ का केस वापस लिए जाने और 25 जुलाई तक का वेतन दिलाने की मांग की।
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शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष रणजीत राय ने कहा कि बीएसए कार्यालय पर हुई तोड़फोड़ व आगजनी की घटना में शिक्षामित्रों का हाथ नहीं है। यह शिक्षामित्रों को फंसाने की साजिश है। उन पर व उनके साथियों पर दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाएं। शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई तक शिक्षण कार्य किया है। तब तक का वेतन दिया जाए और जो बकाया वेतन है उसका भुगतान किया जाए। प्रदेश की योगी सरकार ने अभी तक शिक्षा मित्रों के बारे में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे शिक्षामित्रों के सब्र का बांध टूट रहा है। सरकार अगर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो शिक्षामित्र सरकार से आर- पार की लड़ाई लड़ेंगे। धरना स्थल पर मौजूद एसडीएम उमेश चंद निगम, एएसपी एके वर्मा, कोतवाल राकेश सिंह यादव, एसओ एसओ महिला थाना अनीता यादव ने शिक्षामित्रों को धरना समाप्त करने को कहा, पर शिक्षामित्र नहीं माने और धरना जारी रखा। शिक्षामित्रों की मांग पर बीएसए माया सिंह धरनास्थल पर पहुंची और उन्होंने शिक्षामित्रों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर श्रवण कुुमार, मंटू सिंह, प्रमोद पांडेय, राघवेंद्र सिंह, दिनेश पांडेय, सुनीता पांडेय, चंद्रावती, अमर राय, महेंद्र यादव, विजय प्रताप सिंह, अजय भारती, रमाकांत मौर्य, दयाराम मौर्य, अजय कुमार, रमेश चौधरी, विजय मिश्र समेत भारी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
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शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष समेत पांच पर केस दर्ज
संतकबीरनगर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जूनियर हाईस्कूल में गोलबंद होकर धरना रहे शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष समेत पांच नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज किया। कोतवाल राकेश सिंह ने बताया कि जनपद में धारा 144 प्रभावी है, बावजूद इसके शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष रणजीत राय के नेतृत्व में शिक्षा मित्र जूनियर हाईस्कूल में धरना दिया और राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। बिना किसी सक्षम अधिकारी के अनुमति के एक राय होकर पांच घंटे से अधिक धरना प्रदर्शन किया। किसी प्रकार मौजूद पुलिस बल के सहयोग से बहुत समझाने के बाद धरना समाप्त किया। इन लोगों का कृत्य दंडनीय अपराध है। जिलाध्यक्ष रणजीत राय समेत पांच नामजद और कुछ अज्ञात शिक्षा मित्र सहयोगी महिला पुरुष के खिलाफ गोलबंद होकर धारा 144 का उल्लंघन करते हुए धरना प्रदर्शन करने के मामले में केस दर्ज किया गया। डीएम ने बताया कि जनपद में धारा 144 लागू है। ऐसे में किसी भी संगठन को उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा। आदेश के उल्लंघन करने की दशा में 188 आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे जितने भी प्रदर्शन होगे, सभी प्रदर्शनों के संबंध में अलग-अलग मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उसके उपरांत सुसंगतम नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश राय ने बताया कि धारा 144 का उल्लंघन विधि विरुद्घ क्रिया कलाप है। इसके लिए 188 आईपीसी में केस दर्ज किए जाने का प्रावधान है। धारा 144 लागू होने की दशा में कोई भी धरना प्रदर्शन करने के पूर्व एसडीएम,एडीएम अथवा डीएम से अनुमति लिया जाना आवश्यक है। इसके लिए अनुबंध पत्र के साथ आवेदन देकर अनुमति लेने के बाद ही कोई भी धरना प्रदर्शन या आयोजन किया जा सकता है। अगर अनुमति नहीं मिली तो धरना प्रदर्शन विधि के विरुद्ध है।
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बंद स्कूलों पर शिक्षकों को भेजकर ताला खुलवाया
मेंहदावल। शिक्षामित्रों की हड़ताल के बाद ब्लॉक के 12 बेसिक स्कूलों पर पिछले दो दिनों से ताले लटक रहे थे। बीईओ श्यामसुंदर पटेल ने आसपास के स्कूलों के एकल से अतिरिक्त शिक्षकों को बंद स्कूलों पर भेजकर अग्रिम आदेश तक संचालन करने का निर्देश दिया।

इन विद्यालयों पर अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के अभिभावकों को अपने पाल्यों की शिक्षा को लेकर चिंता हो गई थी। शुक्रवार को बीईओ ने संकुल प्रभारियों से बंद स्कूलों की सूची मांगी। इसके बाद बंद पड़े सभी स्कूलों पर आसपास के स्कूलों पर कार्यरत सीधी भर्ती वाले अतिरिक्त शिक्षकों को संचालन के लिए भेजने की कार्रवाई की। बंद पड़े औरहीं के प्राथमिक विद्यालय पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय से ओमहरि सिंह को, टड़वां पर गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय से चंद्रधर मिश्र को, मंझरिया तिवारी पर खरवनिया के प्राथमिक विद्यालय से मो मुर्तजा को, परसा चौबे पर भिटियां खुर्द से दिनेश कुमार को, बेलाकलां पर भरवलिया चौबे से राममोहन शुक्ला को, महुअवां पर मधईपुर से गिरिजेश कुमार शुक्ल को, ददरा पर डडियांकला से चंद्रिका प्रसाद यादव को, रक्शांकलां पर कन्या प्राथमिक विद्यालय रक्शांकलां से प्रमोद कुमार को बंद पड़े स्कूलों का संचालन करने की जिम्मेदारी सौपीं गई।
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