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... अरे अरे सगुनी सगुन ले आओ
Sat, 06 Apr 2019 12:41 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Sat, 06 Apr 2019 12:41 AM IST
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कलाकारों की अनोखी प्रस्तुतियों ने बांधा समा।
- फोटो : amar ujala
गोरखपुर। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से प्रायोजित 20 दिवसीय लोक परंपरा पर आधारित प्रस्तुति पर कार्यशाला विवाह गीत नृत्य नाटिका का समापन शुक्रवार को तरंग क्रासिंग स्थित एक लॉन में हुआ। इस अवसर पर जनपद के करीब 30 कलाकारों ने विवाह गीत, मटकोड़वा, हल्दी, चूमावन आदि गीतों पर भावपूर्ण नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर भोजपुरी लोक की सुगंध फैलाई।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य ने दीप जलाकर किया। उसके बाद कलाकारों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मंच पर सबसे पहले मंगल गीत ‘अरे अरे सगुनी सगुन ले आओ’ की प्रस्तुति हुई। घर में तिलक की तैयारी ‘पांच सुपारी, पांच नारियल, पांच बीड़ा पान हो’ गीत से महिलाएं कीं तो लगा किसी गांव में मांगलिक आयोजन का माहौल है।
इस भावपूर्ण नृत्य नाटिका में रिनी सिंह, आकांक्षा, संध्या राय, रवि कुमार मिश्रा, पीयूष राज, धानी गुप्ता, नवनीत जायसवाल, विजय सिंह, विभा तिवारी राधेश्याम, अखिलेश कुमार सिंह आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मंच परिकल्पना एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी मानवेंद्र त्रिपाठी का था। रूप सज्जा राधेश्याम, मंच सज्जा पंकज कुमार एवं सिद्धांत, वस्त्र विन्यास संध्या, अंबिका, अखिलेश का था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य ने दीप जलाकर किया। उसके बाद कलाकारों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मंच पर सबसे पहले मंगल गीत ‘अरे अरे सगुनी सगुन ले आओ’ की प्रस्तुति हुई। घर में तिलक की तैयारी ‘पांच सुपारी, पांच नारियल, पांच बीड़ा पान हो’ गीत से महिलाएं कीं तो लगा किसी गांव में मांगलिक आयोजन का माहौल है।
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इस भावपूर्ण नृत्य नाटिका में रिनी सिंह, आकांक्षा, संध्या राय, रवि कुमार मिश्रा, पीयूष राज, धानी गुप्ता, नवनीत जायसवाल, विजय सिंह, विभा तिवारी राधेश्याम, अखिलेश कुमार सिंह आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मंच परिकल्पना एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी मानवेंद्र त्रिपाठी का था। रूप सज्जा राधेश्याम, मंच सज्जा पंकज कुमार एवं सिद्धांत, वस्त्र विन्यास संध्या, अंबिका, अखिलेश का था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे।
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