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जेल में बनेगी एक और महिला बैरक, प्रस्ताव पास
विष्णु त्रिपाठी, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:21 AM IST
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गोरखपुर। जेल में महिला बंदियों के लिए एक और बैरक का निर्माण किया जाएगा। शासन ने इसका प्रस्ताव पास कर दिया है। अब तक जेल में महिलाओं के लिए तीन बैरक हैं। चौथी बैरक का निर्माण यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन करेगा। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
वर्तमान में जेल में करीब 1800 सजायाफ्ता कैदी और विचाराधीन बंदी हैं। इनमें 70 महिला बंदी भी शामिल हैं। केवल तीन बैरकें होने से महिला बंदियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके मद्देनजर वरिष्ठ जेल अधीक्षक पिछले साल भर से महिलाओं के लिए एक और बैरक के निर्माण के लिए शासन को पत्र लिख रहे थे। पिछले हफ्ते शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस बैरक की क्षमता तीस महिला बंदियों की होगी। जेल प्रशासन की मानें तो बैरक के लिए स्थान का चयन भी हो गया है।
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महिला बंदियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए नई बैरक का निर्माण होगा। इंजीनियर के आने के बाद जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
- डॉ. रामधनी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
वर्तमान में जेल में करीब 1800 सजायाफ्ता कैदी और विचाराधीन बंदी हैं। इनमें 70 महिला बंदी भी शामिल हैं। केवल तीन बैरकें होने से महिला बंदियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके मद्देनजर वरिष्ठ जेल अधीक्षक पिछले साल भर से महिलाओं के लिए एक और बैरक के निर्माण के लिए शासन को पत्र लिख रहे थे। पिछले हफ्ते शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस बैरक की क्षमता तीस महिला बंदियों की होगी। जेल प्रशासन की मानें तो बैरक के लिए स्थान का चयन भी हो गया है।
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नई बैरक में होगा रसोई घर और पाठशाला
जेल प्रशासन के अनुसार महिला बंदियों की सुविधा के लिए नई बैरक में रसोईघर, बच्चों के लिए पाठशाला और उनके खेलने के लिए क्रेच रूम तथा एक छोटा अस्पताल भी होगा। बंदियों की संख्या अधिक होने से भोजन बनने के बाद पहले पुरुष बंदियों को दिया जाता है। वहीं महिला और पुरुष बंदियों के लिए जेल में एक ही अस्पताल है। पुरुष बंदियों के भर्ती होने पर अस्पताल में महिलाओं को नहीं रखा जाता है। इससे महिला बंदियों को काफी दिक्कत होती है।
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महिला बंदियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए नई बैरक का निर्माण होगा। इंजीनियर के आने के बाद जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
- डॉ. रामधनी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक