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निजीकरण का फैसला वापस होने के बाद दफ्तरों में लौटी रौनक

Fri, 06 Apr 2018 09:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Fri, 06 Apr 2018 09:02 PM IST
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निजीकरण का फैसला वापस होने के बाद दफ्तरों में लौटी रौनक
बिजली दफ्तरों में शुक्रवार से फिर से काम शुरू हो गए। - फोटो : Amar Ujala
प्रदेश सरकार की ओर से बिजली विभाग के निजीकरण का फैसला वापस लेने के बाद शुक्रवार को दफ्तरों में रौनक रही। अफसरों के साथ ही अभियंता और लिपिक कार्यालय में मौजूद रहे। बिजली अफसरों ने उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनका निदान कराया। इससे पहले, विभागीय अभियंताओं और कर्मचारियों ने मोहद्दीपुर स्थित मुख्य अभियंता दफ्तर पर फूलों की होली खेली और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
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बिजली अफसरों ने फैसला वापस लेने पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को बधाई दी। कहा कि अब हम सभी को अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव लाने की आवश्यकता है। उपभोक्ताओं के बल पर ही आंदोलन सफल हुआ। अब पॉवर कॉरपोरेशन में ठप पड़े कामों की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। मार्च के राजस्व वसूली लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम सभी को एकजुट होकर काम करना पड़ेगा। तभी आंदोलन की सफलता और सुधार के दावों की सार्थकता सिद्ध होगी।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सचिव बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि आंदोलन से प्रभावित राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण एके श्रीवास्तव, मुदित तिवारी, इस्माइल खान, पुनीत निगम, अजय कुमार, अभिषेक यादव, अखिलेश गुप्ता, प्रमोद यादव, विनीता सिंह, विनय यादव, सरोजनी सिंह, कुलदीप श्रीवास्तव, राहुल श्रीवास्तव, दिनेश पांडेय, कृष्णमोहन यादव आदि इस जश्न में शामिल रहे।
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ठेकेदार संघ ने जताई खुशी
पूर्वांचल विद्युत ठेकेदार संघ ने भी निजीकरण का फैसला वापस होने पर खुशी जताई है। संघ के संरक्षक अभिज्ञान तिवारी और अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि निजीकरण से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को ठेकेदार संघ ने भी समर्थन दिया था। संगठित होकर लड़ाई लड़ने के बाद ही प्रदेश सरकार ने समय रहते निजीकरण का फैसला वापस लिया।
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