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शौचालय बनवाएं, इनाम पाएं
Updated Tue, 24 Oct 2017 01:17 AM IST
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शौचालय
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत अब टॉयलेट बनवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने वाले पंचायत कर्मचारियों को शासन पुरस्कृत करेगा। पुरस्कार ब्लॉक और जिले स्तर पर दिए जाएंगे। इस संबंध में शासन की तरफ से सभी डीएम को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पुरस्कार के लिए कर्मचारियों का चयन डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। सीडीओ इस कमेटी के सचिव और डीपीआरओ सदस्य सचिव होंगे।
अभियान के तहत सड़कों पर शौच न करने के लिए जागरूक करने वाले तथा ग्रामीणों को प्रेरित कर 25-25 शौचालय बनवाने वाले सेक्रेटरी, वीडीओ तथा बाल विकास विभाग की महिला कार्यकर्ता, सफाईकर्मी, रोजगार सेवक को पुरस्कृत किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर यह पुरस्कार तीन लोगों को दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के तौर पर पांच हजार रुपये, दूसरे के तौर पर तीन हजार तथा तीसरे पुरस्कार के तौर पर दो हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह जिला स्तर पर भी तीन कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार के तौर पर सात हजार, द्वितीय पुरस्कार के तौर पर पांच हजार और तृतीय पुरस्कार के तौर पर तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। बता दें कि गोरखपुर समेत 30 जिलों को 31 दिसंबर 2017 तक खुले शौच से मुक्त करने का लक्ष्य है। समय से लक्ष्य पूरा हो सके इसलिए शासन सख्ती के साथ ही खुले में शौच करने वालों को जागरूक करने के लिए कई तरह के प्रयोग भी कर रहा है।
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अभियान के तहत सड़कों पर शौच न करने के लिए जागरूक करने वाले तथा ग्रामीणों को प्रेरित कर 25-25 शौचालय बनवाने वाले सेक्रेटरी, वीडीओ तथा बाल विकास विभाग की महिला कार्यकर्ता, सफाईकर्मी, रोजगार सेवक को पुरस्कृत किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर यह पुरस्कार तीन लोगों को दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के तौर पर पांच हजार रुपये, दूसरे के तौर पर तीन हजार तथा तीसरे पुरस्कार के तौर पर दो हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह जिला स्तर पर भी तीन कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार के तौर पर सात हजार, द्वितीय पुरस्कार के तौर पर पांच हजार और तृतीय पुरस्कार के तौर पर तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। बता दें कि गोरखपुर समेत 30 जिलों को 31 दिसंबर 2017 तक खुले शौच से मुक्त करने का लक्ष्य है। समय से लक्ष्य पूरा हो सके इसलिए शासन सख्ती के साथ ही खुले में शौच करने वालों को जागरूक करने के लिए कई तरह के प्रयोग भी कर रहा है।
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