{"_id":"59c966314f1c1bcd538b4713","slug":"181506371121-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"48 घंटे में इंसेफेलाइटिस से 10 की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
48 घंटे में इंसेफेलाइटिस से 10 की मौत
Updated Tue, 26 Sep 2017 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का प्रकोप थम नहीं रहा। बीमारी से जान जाने का सिलसिला जारी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 48 घंटे के दौरान इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 10 और मरीजों की मौत हो गई। वहीं इस दौरान 31 नए मरीज भी भर्ती किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि बीआरडी मेडिकल क़ॉलेज में भर्ती 26 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी 10 मरीजों को बचाया नहीं जा सका। इनमें कुशीनगर के तीन वर्षीय प्रीतम और आदर्श, संतकबीरनगर के चार वर्षीय राजन, महाराजगंज के 15 माह के पवन कुमार, कुशीनगर के चार वर्षीय गोलू, कुशीनगर की डेढ़ वर्षीय शिवंागी, कुशीनगर के डेढ़ वर्षीय सूरज, बिहार के पांच वर्षीय अनमोल, महाराजगंज की 11 वर्षीय अंजली और संतकबीरनगर की दो माह की अनुष्का शामिल हैं। वहीं इस दौरान संतकबीरनगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, बस्ती, बिहार और महाराजगंज के कुल 31 मरीजों को भर्ती किया गया। इसके साथ इस साल अब तक इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 265 हो गई है। इस साल अब तक कुल 1226 इंसेफेलाइटिस पीड़ित भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 129 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।
पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का प्रकोप थम नहीं रहा। बीमारी से जान जाने का सिलसिला जारी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 48 घंटे के दौरान इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 10 और मरीजों की मौत हो गई। वहीं इस दौरान 31 नए मरीज भी भर्ती किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि बीआरडी मेडिकल क़ॉलेज में भर्ती 26 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी 10 मरीजों को बचाया नहीं जा सका। इनमें कुशीनगर के तीन वर्षीय प्रीतम और आदर्श, संतकबीरनगर के चार वर्षीय राजन, महाराजगंज के 15 माह के पवन कुमार, कुशीनगर के चार वर्षीय गोलू, कुशीनगर की डेढ़ वर्षीय शिवंागी, कुशीनगर के डेढ़ वर्षीय सूरज, बिहार के पांच वर्षीय अनमोल, महाराजगंज की 11 वर्षीय अंजली और संतकबीरनगर की दो माह की अनुष्का शामिल हैं। वहीं इस दौरान संतकबीरनगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, बस्ती, बिहार और महाराजगंज के कुल 31 मरीजों को भर्ती किया गया। इसके साथ इस साल अब तक इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 265 हो गई है। इस साल अब तक कुल 1226 इंसेफेलाइटिस पीड़ित भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 129 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।
विज्ञापन