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इंसेफेलाइटिस से तीन और मासूमों की मौत
Updated Thu, 06 Jul 2017 08:39 PM IST
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अस्पताल में भर्ती इंसेफेलाइटिस मरीज।
- फोटो : Amar Ujala / File photo
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गोरखपुर।
पूर्वांचल का प्रकोप बन चुकी इंसेफेलाइटिस बीमारी से मासूमों की मौत की मौत का सिलसिला थमता नहीं नजर आ रहा है। मेडिकल कालेज में बृहस्पतिवार को इंसेफेलाइटिस से पीड़ित तीन मासूमों ने दम तोड़ दिया। वहीं छह नए मरीजों को मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया गया है।
इंसेफेलाइटिस से हो रही मौत को रोकने के लिए शासन स्तर से किए जा रहे प्रयास विफल होते दिख रहे हैं। बुधवार देर रात मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती तीन मासूमों की मौत हो गई। मरने वालों में जिले के गुलहरिया इलाके का आर्यन शुक्ला, पिपराइच निवासी करण और गोपालगंज बिहार निवासी वीर शामिल हैं। इनके परिजनों ने बीमारी सामने आने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। यहां इलाज के दौरान भी उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से लेकर अभी तक इंसेफेलाइटिस के 243 मरीज भर्ती कराए गए। वहीं इससे पीड़ित 74 मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में इंसेफेलाइटिस वार्ड में 18 मरीजों का इलाज चल रहा है।
पूर्वांचल का प्रकोप बन चुकी इंसेफेलाइटिस बीमारी से मासूमों की मौत की मौत का सिलसिला थमता नहीं नजर आ रहा है। मेडिकल कालेज में बृहस्पतिवार को इंसेफेलाइटिस से पीड़ित तीन मासूमों ने दम तोड़ दिया। वहीं छह नए मरीजों को मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया गया है।
इंसेफेलाइटिस से हो रही मौत को रोकने के लिए शासन स्तर से किए जा रहे प्रयास विफल होते दिख रहे हैं। बुधवार देर रात मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती तीन मासूमों की मौत हो गई। मरने वालों में जिले के गुलहरिया इलाके का आर्यन शुक्ला, पिपराइच निवासी करण और गोपालगंज बिहार निवासी वीर शामिल हैं। इनके परिजनों ने बीमारी सामने आने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। यहां इलाज के दौरान भी उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से लेकर अभी तक इंसेफेलाइटिस के 243 मरीज भर्ती कराए गए। वहीं इससे पीड़ित 74 मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में इंसेफेलाइटिस वार्ड में 18 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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