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सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शहर को मिलेगी नई पहचान
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:25 AM IST
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गोरखपुर। नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर गोरखपुर को एक नई पहचान देने की योजना तैयार की गई है। शहर में विश्व का सबसे लंबा तिरंगा लहराया जाएगा। भव्य समारोह में स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट, किसान, मजदूर, सेना के रिटायर जवानों को आमंत्रित किया गया है।
आयोजन विश्व का सबसे लंबा तिरंगा समिति व हिंदू चेतना मंच के संयुक्त प्रयासों से होगा। शनिवार को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल पार्क में बैठक में
इसकी तैयारी पर चर्चा हुई। इस दौरान पंडित रामप्रसाद बिस्मल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को तिरंगा फहराने के के लिए 50 संगठन एकजुट हुए हैं। हिंदू चेतना मंच के संयोजक रघुवंश हिंदु ने बताया कि नेता सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से देवरिया बाईपास होते हुए भगत चौराहा के आगे सहारा इस्टेट परिसर में बने भारत मां की प्रतिमा के सामने तक का रास्ता तय किया गया है।
रास्ते में कार, ट्रैक्टर, ट्रक व अन्य गाड़ियों के अलावा हाथी, घोड़ा ऊंट आदि का काफिला होगा। शोभायात्रा में सबसे आगे की गाड़ी पर बैठा व्यक्ति और पीछे मानव शृंखला तिरंगे को पकड़े रहेगी। जिसके जरिए 13 किलोमीटर लंबे तिरंगे का प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में सुमन, सुरेंद्र, विष्णु, भारतेंद्र हिन्दुस्तानी, सुरेंद्र, डॉ. अनिल, रिव श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। रघुवंश हिंदू ने बताया कि फिलहाल तिरंगे की लंबाई 13 किलोमीटर है। उनकी योजना इसको बढ़ाकर 17 किलोमीटर करने की है।
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आयोजन विश्व का सबसे लंबा तिरंगा समिति व हिंदू चेतना मंच के संयुक्त प्रयासों से होगा। शनिवार को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल पार्क में बैठक में
इसकी तैयारी पर चर्चा हुई। इस दौरान पंडित रामप्रसाद बिस्मल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को तिरंगा फहराने के के लिए 50 संगठन एकजुट हुए हैं। हिंदू चेतना मंच के संयोजक रघुवंश हिंदु ने बताया कि नेता सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से देवरिया बाईपास होते हुए भगत चौराहा के आगे सहारा इस्टेट परिसर में बने भारत मां की प्रतिमा के सामने तक का रास्ता तय किया गया है।
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रास्ते में कार, ट्रैक्टर, ट्रक व अन्य गाड़ियों के अलावा हाथी, घोड़ा ऊंट आदि का काफिला होगा। शोभायात्रा में सबसे आगे की गाड़ी पर बैठा व्यक्ति और पीछे मानव शृंखला तिरंगे को पकड़े रहेगी। जिसके जरिए 13 किलोमीटर लंबे तिरंगे का प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में सुमन, सुरेंद्र, विष्णु, भारतेंद्र हिन्दुस्तानी, सुरेंद्र, डॉ. अनिल, रिव श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। रघुवंश हिंदू ने बताया कि फिलहाल तिरंगे की लंबाई 13 किलोमीटर है। उनकी योजना इसको बढ़ाकर 17 किलोमीटर करने की है।
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