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क्यूआर कोड से पढ़ाई का मंत्र जानेंगे शिक्षक
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:38 AM IST
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क्यूआर कोड से पढ़ाई का मंत्र लेंगे शिक्षक
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में रविवार से शुरू होगा ब्लॉकवार प्रशिक्षण
- प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक होंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सरकारी स्कूलों की किताबों में क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड के इस्तेमाल को मिली प्रदेश सरकार की हरी झंडी को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसे लेकर जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को ब्लॉकवार दो दिवसीय प्रशिक्षण रविवार से डायट परिसर में दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान क्यूआर कोड के इस्तेमाल से पढ़ाई को बेहतर बनाने का मंत्र शिक्षकों को मिलेगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई है।
अपनी बदहाली और कम संसाधनों से जूझने वाले उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल कुछ मायनों में अब कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर देगें। इन स्कूलों की पढ़ाई अब डिजिटल होने जा रही है। ऐसा मुमकिन हुआ है प्राइमरी कक्षाओं की किताबों में छपे क्यूआर कोड से। शिक्षक स्मार्ट फोन पर इस कोड को स्कैन करेंगे और पूरे चैप्टर के ऑडियो और वीडियो को विद्यार्थियों को सुना और दिखा सकेंगे। ऑडियो ओर वीडियो माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ आसानी से समझ में आ जाएगा।
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- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में रविवार से शुरू होगा ब्लॉकवार प्रशिक्षण
- प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक होंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सरकारी स्कूलों की किताबों में क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड के इस्तेमाल को मिली प्रदेश सरकार की हरी झंडी को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसे लेकर जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को ब्लॉकवार दो दिवसीय प्रशिक्षण रविवार से डायट परिसर में दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान क्यूआर कोड के इस्तेमाल से पढ़ाई को बेहतर बनाने का मंत्र शिक्षकों को मिलेगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई है।
अपनी बदहाली और कम संसाधनों से जूझने वाले उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल कुछ मायनों में अब कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर देगें। इन स्कूलों की पढ़ाई अब डिजिटल होने जा रही है। ऐसा मुमकिन हुआ है प्राइमरी कक्षाओं की किताबों में छपे क्यूआर कोड से। शिक्षक स्मार्ट फोन पर इस कोड को स्कैन करेंगे और पूरे चैप्टर के ऑडियो और वीडियो को विद्यार्थियों को सुना और दिखा सकेंगे। ऑडियो ओर वीडियो माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ आसानी से समझ में आ जाएगा।
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