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29 साल बाद गोरखपुर में ढहा भगवा का किला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 14 Mar 2018 07:37 PM IST
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जीत के बाद सपा के प्रवीण निषाद।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर सदर संसदीय सीट के उपचुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। सपा ने 29 साल बाद भगवा किला ढहाया और 21,881 वोटों के अंतर से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बड़ा झटका दिया है। यह सीट योगी आदित्यनाथ के सांसदी छोड़ने की बाद खाली हुई थी। उनकी प्रतिष्ठा भी दांव पर थी। यह सीट 1998 से ही गोरक्षपीठ और भाजपा के पास थी। यही नहीं मुख्यमंत्री योगी ने जिस बूथ पर वोट डाला था, वहां भी भाजपा हार गई।
गोरखपुर सदर लोकसभा क्षेत्र की मतगणना बुधवार को सुबह आठ बजे से शुरू हुई। पहले चरण की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र दत्त शुक्ला आगे रहे। दूसरे चरण की मतगणना ने सपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद ने बढ़त बनाई और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। बसपा, पीस पार्टी, निषाद पार्टी, रालोद और वामपंथी दलों के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरी सपा की साइकिल तेज गति से दौड़ी और शहर के साथ ही ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में खूब वोट बटोरे। सपा को मुस्लिम, यादव, दलित और निषादों के अच्छे वोट मिले हैं। वहीं उपचुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. सुरहीता करीम की जमानत जब्त हो गई है। उन्हें महज 18 हजार 844 वोट मिले हैं। सात और निर्दलीय प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है।
हालांकि उपचुनाव की मतगणना धीमी चली। पांच राउंड की मतगणना पूरी हो गई, फिर एक राउंड का नतीजा घोषित किया गया। इस पर कई बार विवाद भी हुआ और मामला चुनाव आयोग तक जा पहुंचा। सपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद ने जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। इसे लेकर धरना-प्रदर्शन भी किया गया। शिकायत पर चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से जवाब-तलब किया है। उपचुनाव में 19 लाख 52 हजार 551 मतदाताओं को वोट डालना था लेकिन 9 लाख 34 हजार 056 मतदाता ही
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प्रत्याशियों को मिले वोट
प्रत्याशी पार्टी मिले वोट
प्रवीण कुमार निषाद सपा 4,56,437
उपेंद्र दत्त शुक्ला भाजपा 4,34,476
डॉ. सुरहीता करीम कांग्रेस 18,844
अवधेश निषाद निर्दलीय 2825
गिरीश नारायण पांडेय निर्दलीय 1678
नरेंद्र कुमार महंथा निर्दलीय 1717
मालती देवी निर्दलीय 2421
राधेश्याम सेहरा निर्दलीय 2003
विजय कुमार राव निर्दलीय 1818
सरवन कुमार निषाद निर्दलीय 3252
कुल पड़े मत 9,33, 792
जीत के अंतर के साथ माहौल भी गर्माता रहा
मतगणना स्थल पर पहले राउंड का नतीजा आने के साथ ही माहौल में शुरू हुई गर्मी भी जीत के अंतर के साथ ही बढ़ती-घटती रही। प्रशासनिक अफसरों से कभी सपाइयों की नोंकझोंक हुई तो कभी मीडिया की। मतगणना स्थल से मीडिया को दूर रखने का मामला तो विधानसभा में गूंजने के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग तक भी पहुंचा। आयोग ने मामले में हस्तक्षेप कर जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला पर नाराजगी भी जताई। कमिश्नर अनिल कुमार तक सूचना पहुंची तो वह भी दौड़ते हुए मतगणना स्थल पहुंचे। यही नहीं, खुद प्रेक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी के बीच भी आंकड़ों में अंतर पर हल्की नोंकझोंक हो गई। भीतर अधिक और बाहर कम राउंड की गिनती के नतीजों की घोषणा पर सपाइयों ने जिला निर्वाचन अधिकारी पर मतगणना में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया। आखिरी राउंड की गिनती खत्म होने के बाद प्रमाण पत्र देने में देरी होने पर सपाई गोरखपुर यूनिवर्सिटी गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके अलावा मतगणना स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी सपा एजेंटों और नेताओं की कई बार तीखी नोंकझोंक हुई।
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गोरखपुर सदर लोकसभा क्षेत्र की मतगणना बुधवार को सुबह आठ बजे से शुरू हुई। पहले चरण की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र दत्त शुक्ला आगे रहे। दूसरे चरण की मतगणना ने सपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद ने बढ़त बनाई और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। बसपा, पीस पार्टी, निषाद पार्टी, रालोद और वामपंथी दलों के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरी सपा की साइकिल तेज गति से दौड़ी और शहर के साथ ही ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में खूब वोट बटोरे। सपा को मुस्लिम, यादव, दलित और निषादों के अच्छे वोट मिले हैं। वहीं उपचुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. सुरहीता करीम की जमानत जब्त हो गई है। उन्हें महज 18 हजार 844 वोट मिले हैं। सात और निर्दलीय प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है।
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हालांकि उपचुनाव की मतगणना धीमी चली। पांच राउंड की मतगणना पूरी हो गई, फिर एक राउंड का नतीजा घोषित किया गया। इस पर कई बार विवाद भी हुआ और मामला चुनाव आयोग तक जा पहुंचा। सपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद ने जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। इसे लेकर धरना-प्रदर्शन भी किया गया। शिकायत पर चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से जवाब-तलब किया है। उपचुनाव में 19 लाख 52 हजार 551 मतदाताओं को वोट डालना था लेकिन 9 लाख 34 हजार 056 मतदाता ही
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प्रत्याशियों को मिले वोट
प्रत्याशी पार्टी मिले वोट
प्रवीण कुमार निषाद सपा 4,56,437
उपेंद्र दत्त शुक्ला भाजपा 4,34,476
डॉ. सुरहीता करीम कांग्रेस 18,844
अवधेश निषाद निर्दलीय 2825
गिरीश नारायण पांडेय निर्दलीय 1678
नरेंद्र कुमार महंथा निर्दलीय 1717
मालती देवी निर्दलीय 2421
राधेश्याम सेहरा निर्दलीय 2003
विजय कुमार राव निर्दलीय 1818
सरवन कुमार निषाद निर्दलीय 3252
कुल पड़े मत 9,33, 792
जीत के अंतर के साथ माहौल भी गर्माता रहा
मतगणना स्थल पर पहले राउंड का नतीजा आने के साथ ही माहौल में शुरू हुई गर्मी भी जीत के अंतर के साथ ही बढ़ती-घटती रही। प्रशासनिक अफसरों से कभी सपाइयों की नोंकझोंक हुई तो कभी मीडिया की। मतगणना स्थल से मीडिया को दूर रखने का मामला तो विधानसभा में गूंजने के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग तक भी पहुंचा। आयोग ने मामले में हस्तक्षेप कर जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला पर नाराजगी भी जताई। कमिश्नर अनिल कुमार तक सूचना पहुंची तो वह भी दौड़ते हुए मतगणना स्थल पहुंचे। यही नहीं, खुद प्रेक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी के बीच भी आंकड़ों में अंतर पर हल्की नोंकझोंक हो गई। भीतर अधिक और बाहर कम राउंड की गिनती के नतीजों की घोषणा पर सपाइयों ने जिला निर्वाचन अधिकारी पर मतगणना में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया। आखिरी राउंड की गिनती खत्म होने के बाद प्रमाण पत्र देने में देरी होने पर सपाई गोरखपुर यूनिवर्सिटी गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके अलावा मतगणना स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी सपा एजेंटों और नेताओं की कई बार तीखी नोंकझोंक हुई।