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'सर, यहां खराब तेल में पकाया जा रहा है खाना'
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 15 Nov 2017 08:21 PM IST
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हॉस्टल के मेस का निरीक्षण करते रजिस्ट्रार।
- फोटो : Amar Ujala
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‘.... सर, कैंटीन के खाने की क्वालिटी बेहद खराब है। यहां इस्तेमाल में लाए जाने वाला तेल भी अच्छा नहीं है। इससे बने खाने में स्वाद छोड़िए, पेट भी नहीं भरता है। पीने के पानी के लिए लाइन लगानी पड़ती है, बाथरूम में गंदगी का अंबार है। पानी की टंकी में कॉकरोच घूमते हैं, सीलन से कमरों में पानी टपकता है।’ कुछ ऐसी ही समस्याएं रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने बुधवार को रजिस्ट्रार शत्रोहन वैश्य को गिनाईं। रजिस्ट्रार हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
छात्राओं ने बताया कि एक टाइम के खाने के 37 रुपये के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। उसके बाद भी गुणवत्ता नहीं सुधारी जाती है। हॉस्टल के बाथरूम और परिसर में गंदगी का अंबार है। वॉश बेसिन में नल नहीं है तो लीकेज से कमरों में सीलन लग जाती है। पानी की टंकी की सफाई भी कागजों में ही होती है। इस पर रजिस्ट्रार ने मेस संचालक को खाने की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने की हिदायत दी।
कहा कि इसके लिए आगे भी औचक निरीक्षण किया जाएगा। खाने की सैंपलिंग कराई जाएगी। वहीं इंजीनियर को एक सूची बनाकर बाथरूम, पानी की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और लीकेज बंद करने के साथ ही टंकी की सफाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान हॉस्टल वार्डेन प्रो. सुषमा पांडेय, चीफ प्रॉक्टर गोपाल प्रसाद, इंजीनियर श्रवण कुमार और संपत्ति अधिकारी योगेश मिश्रा मौजूद रहे।
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छात्राओं ने बताया कि एक टाइम के खाने के 37 रुपये के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। उसके बाद भी गुणवत्ता नहीं सुधारी जाती है। हॉस्टल के बाथरूम और परिसर में गंदगी का अंबार है। वॉश बेसिन में नल नहीं है तो लीकेज से कमरों में सीलन लग जाती है। पानी की टंकी की सफाई भी कागजों में ही होती है। इस पर रजिस्ट्रार ने मेस संचालक को खाने की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने की हिदायत दी।
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कहा कि इसके लिए आगे भी औचक निरीक्षण किया जाएगा। खाने की सैंपलिंग कराई जाएगी। वहीं इंजीनियर को एक सूची बनाकर बाथरूम, पानी की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और लीकेज बंद करने के साथ ही टंकी की सफाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान हॉस्टल वार्डेन प्रो. सुषमा पांडेय, चीफ प्रॉक्टर गोपाल प्रसाद, इंजीनियर श्रवण कुमार और संपत्ति अधिकारी योगेश मिश्रा मौजूद रहे।
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