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छतौना में डीजे बजाने को लेकर तांडव
Updated Sun, 22 Oct 2017 01:29 AM IST
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मारपीट
- फोटो : amar ujala
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छतौना में डीजे बजाने को लेकर तांडव
विक्रमजोत। दिवाली की रात तेज आवाज में डीजे बजाने के विरोध पर जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्ष से तीन महिलाएं समेत 10 से अधिक लोग घायल हुए। गुस्साए युवकों ने विरोध कर रहे दूसरे पक्ष की कार, जीप, बाइक, नल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्ष से 15 को नामजद किया है। जिसमें छह हिरासत में लिए गए हैं।
दीपावली कि रात छतौना गांव के बंधे पर कुछ युवक डीजे बजा रहे थे। रात में तेज आवाज में डीजे बजाने पर पड़ोस के लोगों ने एतराज जताया। उनका कहना था कि शोर से उनके मवेशी परेशान हो रहे हैं। युवकों से बातचीत में मामला मारपीट तक पहुंच गया। शोर सुनकर महिलाएं भी विरोध में शामिल हो गईं। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कुछ युवकों ने दरवाजे पर खड़ी जीप, कार, दो नल, एक बाइक में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पास की झोपड़ी तक गिराकर आग लगा दी। रात दो बजे तक गांव में उपद्रव चलता रहा। लोगों की सूचना पर रात करीब 10.30 बजे विक्रमजोत चौकी प्रभारी जयप्रकाश दुबे अपने सहयोगियों के साथ गांव पहुंचे। पुलिस बल देखते ही गांव के आरोपी युवक भाग खडे़ हुए। शोर कर रही महिलाओं ने पुलिस पर भी मारने पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस की पिटाई से गीता उर्फ मंजू बेसुध हो गई। महिलाओं को पिटता देख तमाशबीन बने गांव वाले नाराज हो गए। अचानक किसी ने शोर मचाया कि मंजू मर गई तो पुलिस वहां से खिसक ली। शुक्रवार सुबह दोबारा पुलिस पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ हर्रैया गौरव त्रिपाठी भी पहुंच गए। लोगों से गांव की घटना की जानकारी ली। गांव के अन्य लोगों का बयान भी दर्ज किया गया। गांव वालों ने पुलिस की लाठीचार्ज पर गुस्सा जताया। जिसके बारे में सीओ ने पूछताछ की। मारपीट में घायल सीता पत्नी रामतीरथ, गीता उर्फ मंजू देवी, सीता पत्नी रामअजोर, शिवजगत पुत्र गुन्नू, करन पुत्र रामबली, तीरथ पुत्र गम्मे को सीएचसी लाया गया जहां रात में कोई डॉक्टर ड्यूटी पर न होने से सभी को छावनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। मंजू और सीता तथा रामशेष की हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल बस्ती भेज दिया।
15 पर केस, छह जेल भेजे गए
थानाध्यक्ष छावनी महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी ने बताया कि दीपावली की रात दो पक्षों में डीजे बजाने को लेकर मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों की तहरीर पर दोनों तरफ से 15 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें लालजी निवासी छतौना की तहरीर पर रामशेष, हरी, दुर्गेश, कन्नू, महेश, बृजेश, कालू, लक्ष्मी तो दूसरी तरफ से रामशेष की तहरीर पर लालजी, रामकेवल, सोनू, सुरेश, मंजू, शिवजगत, तीरथ, राजेन्द्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी तक दोनों पक्षों से छह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।जिनमें रामकेवल, शिवजगत, दुर्गेश, कालू, गुन्नू, लालजी शामिल हैं। जबकि अन्य फरार आरोपियों की खोजबीन हो रही है।
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पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दिवाली की रात हुई मारपीट में घायल गीता उर्फ मंजू देवी ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं। मंजू का कहना है कि पुलिस कि मिलीभगत से ही झगड़ा हुआ है। मंजू ने सीओ के सामने ही आरोप लगाए कि चौकी प्रभारी व दो अन्य सिपाहियों ने उसे गली में ले जाकर जमकर पिटाई की। जब वह बेसुध हो गई तो पुलिसवाले छोड़कर भाग निकले।
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विक्रमजोत। दिवाली की रात तेज आवाज में डीजे बजाने के विरोध पर जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्ष से तीन महिलाएं समेत 10 से अधिक लोग घायल हुए। गुस्साए युवकों ने विरोध कर रहे दूसरे पक्ष की कार, जीप, बाइक, नल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्ष से 15 को नामजद किया है। जिसमें छह हिरासत में लिए गए हैं।
दीपावली कि रात छतौना गांव के बंधे पर कुछ युवक डीजे बजा रहे थे। रात में तेज आवाज में डीजे बजाने पर पड़ोस के लोगों ने एतराज जताया। उनका कहना था कि शोर से उनके मवेशी परेशान हो रहे हैं। युवकों से बातचीत में मामला मारपीट तक पहुंच गया। शोर सुनकर महिलाएं भी विरोध में शामिल हो गईं। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कुछ युवकों ने दरवाजे पर खड़ी जीप, कार, दो नल, एक बाइक में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पास की झोपड़ी तक गिराकर आग लगा दी। रात दो बजे तक गांव में उपद्रव चलता रहा। लोगों की सूचना पर रात करीब 10.30 बजे विक्रमजोत चौकी प्रभारी जयप्रकाश दुबे अपने सहयोगियों के साथ गांव पहुंचे। पुलिस बल देखते ही गांव के आरोपी युवक भाग खडे़ हुए। शोर कर रही महिलाओं ने पुलिस पर भी मारने पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस की पिटाई से गीता उर्फ मंजू बेसुध हो गई। महिलाओं को पिटता देख तमाशबीन बने गांव वाले नाराज हो गए। अचानक किसी ने शोर मचाया कि मंजू मर गई तो पुलिस वहां से खिसक ली। शुक्रवार सुबह दोबारा पुलिस पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ हर्रैया गौरव त्रिपाठी भी पहुंच गए। लोगों से गांव की घटना की जानकारी ली। गांव के अन्य लोगों का बयान भी दर्ज किया गया। गांव वालों ने पुलिस की लाठीचार्ज पर गुस्सा जताया। जिसके बारे में सीओ ने पूछताछ की। मारपीट में घायल सीता पत्नी रामतीरथ, गीता उर्फ मंजू देवी, सीता पत्नी रामअजोर, शिवजगत पुत्र गुन्नू, करन पुत्र रामबली, तीरथ पुत्र गम्मे को सीएचसी लाया गया जहां रात में कोई डॉक्टर ड्यूटी पर न होने से सभी को छावनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। मंजू और सीता तथा रामशेष की हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल बस्ती भेज दिया।
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15 पर केस, छह जेल भेजे गए
थानाध्यक्ष छावनी महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी ने बताया कि दीपावली की रात दो पक्षों में डीजे बजाने को लेकर मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों की तहरीर पर दोनों तरफ से 15 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें लालजी निवासी छतौना की तहरीर पर रामशेष, हरी, दुर्गेश, कन्नू, महेश, बृजेश, कालू, लक्ष्मी तो दूसरी तरफ से रामशेष की तहरीर पर लालजी, रामकेवल, सोनू, सुरेश, मंजू, शिवजगत, तीरथ, राजेन्द्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी तक दोनों पक्षों से छह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।जिनमें रामकेवल, शिवजगत, दुर्गेश, कालू, गुन्नू, लालजी शामिल हैं। जबकि अन्य फरार आरोपियों की खोजबीन हो रही है।
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पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दिवाली की रात हुई मारपीट में घायल गीता उर्फ मंजू देवी ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं। मंजू का कहना है कि पुलिस कि मिलीभगत से ही झगड़ा हुआ है। मंजू ने सीओ के सामने ही आरोप लगाए कि चौकी प्रभारी व दो अन्य सिपाहियों ने उसे गली में ले जाकर जमकर पिटाई की। जब वह बेसुध हो गई तो पुलिसवाले छोड़कर भाग निकले।