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घूस लेते गिरफ्तार सहायक लेखाकार निलंबित
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:39 PM IST
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संतकबीरनगर। घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार ट्रेजरी ऑफिस के सहायक लेखाकार बृजेश चंद्र आर्य को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। डीएम ने मामले की विभागीय जांच डीआईओएस कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी को दी है। इसके साथ ही पूरे मामले की विवेचना एंटी करप्शन टीम कर रही है।
धनघटा क्षेत्र के रामपुर छितौनी गांव निवासी अर्जुन प्रसाद प्रजापति ने 22 जुलाई को एंटी करप्शन गोखपुर टीम को शिकायती पत्र देकर सहायक लेखाकार की शिकायत की गई थी। इसमें आरोप कहा गया था कि उनके दिवंगत बाबा पडोही प्रजापति महाराष्ट्र दुग्ध विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। नवंबर 2016 में बाबा की मृत्यु होने पर पेंशन की नामिनी दादी भानमती का नाम चढ़वाने के लिए संपर्क करने पर ट्रेजरी के सहायक लेखाकार बृजेश चंद्र आर्य ने इलाहाबाद स्थित एजी आफिस में किसी अधिकारी को घूस देने के लिए 5,000 रुपये की मांग की। 25 जुलाई को एंटीकरप्शन की टीम ने सहायक लेखाकार को 5000 रुपये घूस लेते हुए पकड़ कर जेल भेज दिया गया था। डीएम ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामले में जेल भेजे गए सहायक लेखाकार बृजेश चंद्र आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले की विभागीय जांच डीआईओएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखा अधिकारी को सौंपी गई है। इधर एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर बब्बन यादव ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। इस मामले में एजी ऑफिस इलाहाबाद के सेक्शन अफसर से भी पूछताछ होगी।
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धनघटा क्षेत्र के रामपुर छितौनी गांव निवासी अर्जुन प्रसाद प्रजापति ने 22 जुलाई को एंटी करप्शन गोखपुर टीम को शिकायती पत्र देकर सहायक लेखाकार की शिकायत की गई थी। इसमें आरोप कहा गया था कि उनके दिवंगत बाबा पडोही प्रजापति महाराष्ट्र दुग्ध विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। नवंबर 2016 में बाबा की मृत्यु होने पर पेंशन की नामिनी दादी भानमती का नाम चढ़वाने के लिए संपर्क करने पर ट्रेजरी के सहायक लेखाकार बृजेश चंद्र आर्य ने इलाहाबाद स्थित एजी आफिस में किसी अधिकारी को घूस देने के लिए 5,000 रुपये की मांग की। 25 जुलाई को एंटीकरप्शन की टीम ने सहायक लेखाकार को 5000 रुपये घूस लेते हुए पकड़ कर जेल भेज दिया गया था। डीएम ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामले में जेल भेजे गए सहायक लेखाकार बृजेश चंद्र आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले की विभागीय जांच डीआईओएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखा अधिकारी को सौंपी गई है। इधर एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर बब्बन यादव ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। इस मामले में एजी ऑफिस इलाहाबाद के सेक्शन अफसर से भी पूछताछ होगी।
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