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परिसर में नहीं लग सके 166 सीसीटीवी कैमरे
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Fri, 19 Aug 2016 08:57 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बाहरी तत्वों की अनवरत आवाजाही और इसे लेकर आए दिन हो रहे विवाद के बाद भी परिसर की सुरक्षा को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन संजीदा नहीं दिख रहा है। परिसर की निगरानी के लिए पिछले सत्र में ही 166 सीसीटीवी कैमरा लगाने की यूनिवर्सिटी प्रशासन की योजना दूसरे सत्र के शुरू होने के बाद भी अंतिम रूप नहीं ले सकी। कैमरों को लगाने के निर्णय और जगह चिन्हित होने के बावजूद कैमरे अब तक क्यों नहीं लग सके, इसका कोई ठोस जवाब देने में यूनिवर्सिटी के अधिकारी खुद को सक्षम नहीं पा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी परिसर की सुरक्षा पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने पिछले सत्र के समापन पर सामूहिक घोषणा किया था कि बहुत जल्द काफी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाकर परिसर में समुचित निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने इसके पीछे छात्राओं की सुरक्षा अहम वजह बताई। कुलपति की घोषणा के बाद परिसर में स्थान भी चिन्हित कर लिए गए जहां कैमरों को लगाया जाना था। तय हुआ कि यदि परिसर में 166 कैमरे लगा दिए जाएं तो सभी संवेदनशील स्थान सुरक्षित हो जाएंगे। इस क्रम में कार्य सिर्फ इतना हुआ कि यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए, बाकी का काम दावे और वादों के बीच उलझ कर रह गए।
यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक मामला रेट की वजह से फंसा है। रेट फाइनल होने के बाद ही कैमरों को लगाने की टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। मामला चाहे रेट का हो या फिर टेंडर का, सीसीटीवी कैमरे से परिसर की निगरानी फिलहाल दावे और वादे के बीच उलझी नजर आ रही है।
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यूनिवर्सिटी परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाना तय है। कैमरा लगाने के लिए संवेदनशील जगह चिन्हित कर लिए गए हैं और उन्हें लगाए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है। पूरी कोशिश है कि यूनिवर्सिटी परिसर कैमरों की निगरानी में रहे, जिससे अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
- प्रो. अशोक कुमार, कुलपति, गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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यूनिवर्सिटी परिसर की सुरक्षा पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने पिछले सत्र के समापन पर सामूहिक घोषणा किया था कि बहुत जल्द काफी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाकर परिसर में समुचित निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने इसके पीछे छात्राओं की सुरक्षा अहम वजह बताई। कुलपति की घोषणा के बाद परिसर में स्थान भी चिन्हित कर लिए गए जहां कैमरों को लगाया जाना था। तय हुआ कि यदि परिसर में 166 कैमरे लगा दिए जाएं तो सभी संवेदनशील स्थान सुरक्षित हो जाएंगे। इस क्रम में कार्य सिर्फ इतना हुआ कि यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए, बाकी का काम दावे और वादों के बीच उलझ कर रह गए।
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यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक मामला रेट की वजह से फंसा है। रेट फाइनल होने के बाद ही कैमरों को लगाने की टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। मामला चाहे रेट का हो या फिर टेंडर का, सीसीटीवी कैमरे से परिसर की निगरानी फिलहाल दावे और वादे के बीच उलझी नजर आ रही है।
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यूनिवर्सिटी परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाना तय है। कैमरा लगाने के लिए संवेदनशील जगह चिन्हित कर लिए गए हैं और उन्हें लगाए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है। पूरी कोशिश है कि यूनिवर्सिटी परिसर कैमरों की निगरानी में रहे, जिससे अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
- प्रो. अशोक कुमार, कुलपति, गोरखपुर यूनिवर्सिटी