पर्यटन की रैंकिंग में नंबर एक होगा प्रदेश: योगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार को गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह के दौरान योगी ने कहा कि उन्होंने कहा कि संस्कृति राष्ट्र की आत्मा होती हैं। लोक कला, लोक परंपरा और संस्कृति को प्रोत्साहित करना ऐसे महोत्सवों का उद्देश्य होता है। इसमें स्थानीय कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी ज्यादा होने से लोग अपने इलाकों की संस्कृति से रूबरू होते हैं। उन्होंने कहा कि हम आध्यात्मिक रूप से समृद्ध इस प्रदेश को पर्यटन के लिहाज से विकसित कर न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसे आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा था। भाजपा नेतृत्व ने जब उन्हें प्रदेश की बागडोर सौंपी इसके बाद उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई स्तर पर काम किए। प्रयागराज में कुंभ का आयोजन इसी दिशा में उठाया गया ऐसा कदम है। यूनेस्को ने भी कुंभ मेले को वैश्विक मान्यता दी है। कुंभ पर प्रयागराज आने का न्योता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हजारों साल लग रहा है। यहां जाने वाले श्रद्धालु सरकार की सुविधाओं के मोहताज नहीं होते।
कहा, सरकार इस बार वहां हर तरह के इंतजाम कर रही है। पहले जहां मात्र 1700 हेक्टेयर में मेले का आयोजन होता था, इस बार यह 3200 एकड़ में आयोजित हो रहा है। श्रद्धालुओं के लिए 20 हजार पंडाल बनाए गए हैं। छह लाख गांव इससे जुड़ने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में कुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में है। 71 देशों के राजदूतों ने अपने-अपने देशों की ध्वजा पताका लगाकर वैश्विक मान्यता दी है।
इस मौके पर पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि महोत्सव सिर्फ मनोरंजन के लिए बल्कि संस्कृति को समझने के साथ रोजगार उपलब्ध कराने का भी साधन है। कार्यक्रम में मेयर सीताराम जायसवाल, विधायक फतेह बहादुर सिंह, संत प्रसाद, संगीता यादव, अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अवनीश अवस्थी समेत जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।