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मर्यादा की सीमा न लांघे राजभर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 25 Jun 2018 01:20 AM IST
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बाबूराम निषाद
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गोरखपुर। पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष बाबूराम निषाद ने रविवार को भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश राजभर अब सीमा लांघ रहे हैं। उनको ऐसा नहीं करना चाहिए। वह भूल जा रहे हैं कि प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उन्हें पिछड़ों के विकास की बात करनी चाहिए, पर वह अपने राजनीतिक हित के लिए अनर्गल प्रलाप कर सरकार की किरकिरी करा रहे हैं। यह कहीं से भी ठीक नहीं है।
बाबूराम निषाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर जातिवादी राजनीति की पराकाष्ठा पार करने वालों में से एक हैं। वह सरकार में रहकर पिछड़ों की बेहतरी के लिए कार्य करने की बजाय खुद का हित साधने में लगे हैं। बाबूराम ने सपा-बसपा को भी निशाने पर लिया। कहा कि सपा के नेता पिछड़ों के हितैषी बनते हैं, पर सच्चाई इससे इतर है। सपा नेताओं को चिंता बस 10 प्रतिशत अपने खास लोगों की होती है। यूपी में जब भी सपा की सरकार बनती है, उस वक्त जाति विशेष का भला किया जाता है। 44 प्रतिशत पिछड़े भटकते रहते हैं। ठीक यही हाल बसपा सुप्रीमो मायावती की भी है। वह जातिगत राजनीति करती हैं। भाजपा का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास है। केंद्र और प्रदेश की सरकारें समाज के सभी तबकों को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं।
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बाबूराम निषाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर जातिवादी राजनीति की पराकाष्ठा पार करने वालों में से एक हैं। वह सरकार में रहकर पिछड़ों की बेहतरी के लिए कार्य करने की बजाय खुद का हित साधने में लगे हैं। बाबूराम ने सपा-बसपा को भी निशाने पर लिया। कहा कि सपा के नेता पिछड़ों के हितैषी बनते हैं, पर सच्चाई इससे इतर है। सपा नेताओं को चिंता बस 10 प्रतिशत अपने खास लोगों की होती है। यूपी में जब भी सपा की सरकार बनती है, उस वक्त जाति विशेष का भला किया जाता है। 44 प्रतिशत पिछड़े भटकते रहते हैं। ठीक यही हाल बसपा सुप्रीमो मायावती की भी है। वह जातिगत राजनीति करती हैं। भाजपा का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास है। केंद्र और प्रदेश की सरकारें समाज के सभी तबकों को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं।
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