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सिटीजन एप पर दर्ज शिकायतों को होगा जल्द निस्तारण
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सिटीजन एप पर दर्ज शिकायतों का होगा निस्तारण
विभागीय चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, सड़कों की बदहाली होगी दूर
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। अब क्षतिग्रस्त सड़कों की शिकायत करने के लिए लोगों को अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। शासन ने क्षतिग्रस्त सड़कों का हाल जानने व उनकी मरम्मत कराने के लिए निगरानी सिटीजन एप लांच किया है। जिस पर शिकायत दर्ज होने पर विभाग को 48 घंटे के अंदर निर्माण कार्य शुरू करना होगा। निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद विभाग को उसकी फोटो एप पर अपलोड करनी होगी।
यदि आप किसी मार्ग से जा रहे हैं और उस पर छोटे-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं तो आपको उसकी शिकायत के लिए किसी प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय तक नहीं जाना होगा और न ही संबंधित क्षेत्र का नाम बताने की आवश्यकता होगी। बल्कि अपने मोबाइल से उसकी फोटो खींच कर निगरानी सिटीजन एप पर फोटो अपलोड करनी होगी। आप की तरफ से फोटो अपलोड किए जाने के बाद एप खुद ही पता कर लेगा कि यह स्थान कहां पर है। इसके लिए बस आप को फोटो खिंचते समय मोबाइल की लोकेशन ऑन करनी होगी। इससे फोटो के पूरे विवरण के साथ ही लोकेशन भी दर्ज हो जाएगी। इसी के माध्यम से एप क्षतिग्रस्त सड़क के बारे में जानकारी संबंधित विभाग इंजीनियरों को उपलब्ध करा देगा। जिले में जल्द ही इसके लिए ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल होने पर यह व्यवस्था प्रभावी कर दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि निगरानी एप के ट्रायल के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। ट्रायल पूरा होने पर इस एप पर मिलने वाली शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जा सकेगा। साथ ही एप के माध्यम से विभाग को भी संबंधित सड़क खोजने में दिक्कत नहीं होगी।
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ऐसे कार्य करेगा एप
आप एंड्रायड मोबाइल फोन धारक हैं तो निगरानी सिटीजन एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड कर सकते हैं। इस एप पर पहले नाम, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी डालकर पंजीकरण कराना होगा। इसमें अंग्रेजी व हिंदी समेत कई भाषाओं के विकल्प शामिल हैं। इसके बाद एप खुल जाएगा और उस पर फोटो अपलोड का विकल्प दिखाई देगा। शासन ने यह एप सड़कों की मरम्मत के नाम पर की जा रही खानापूर्ति को उजागर करने के लिए लांच किया है। शासन स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि सड़क की मरम्मत के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी को इसी एप पर फोटो अपलोड करनी होगी।
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विभागीय चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, सड़कों की बदहाली होगी दूर
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। अब क्षतिग्रस्त सड़कों की शिकायत करने के लिए लोगों को अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। शासन ने क्षतिग्रस्त सड़कों का हाल जानने व उनकी मरम्मत कराने के लिए निगरानी सिटीजन एप लांच किया है। जिस पर शिकायत दर्ज होने पर विभाग को 48 घंटे के अंदर निर्माण कार्य शुरू करना होगा। निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद विभाग को उसकी फोटो एप पर अपलोड करनी होगी।
यदि आप किसी मार्ग से जा रहे हैं और उस पर छोटे-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं तो आपको उसकी शिकायत के लिए किसी प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय तक नहीं जाना होगा और न ही संबंधित क्षेत्र का नाम बताने की आवश्यकता होगी। बल्कि अपने मोबाइल से उसकी फोटो खींच कर निगरानी सिटीजन एप पर फोटो अपलोड करनी होगी। आप की तरफ से फोटो अपलोड किए जाने के बाद एप खुद ही पता कर लेगा कि यह स्थान कहां पर है। इसके लिए बस आप को फोटो खिंचते समय मोबाइल की लोकेशन ऑन करनी होगी। इससे फोटो के पूरे विवरण के साथ ही लोकेशन भी दर्ज हो जाएगी। इसी के माध्यम से एप क्षतिग्रस्त सड़क के बारे में जानकारी संबंधित विभाग इंजीनियरों को उपलब्ध करा देगा। जिले में जल्द ही इसके लिए ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल होने पर यह व्यवस्था प्रभावी कर दी जाएगी।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि निगरानी एप के ट्रायल के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। ट्रायल पूरा होने पर इस एप पर मिलने वाली शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जा सकेगा। साथ ही एप के माध्यम से विभाग को भी संबंधित सड़क खोजने में दिक्कत नहीं होगी।
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ऐसे कार्य करेगा एप
आप एंड्रायड मोबाइल फोन धारक हैं तो निगरानी सिटीजन एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड कर सकते हैं। इस एप पर पहले नाम, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी डालकर पंजीकरण कराना होगा। इसमें अंग्रेजी व हिंदी समेत कई भाषाओं के विकल्प शामिल हैं। इसके बाद एप खुल जाएगा और उस पर फोटो अपलोड का विकल्प दिखाई देगा। शासन ने यह एप सड़कों की मरम्मत के नाम पर की जा रही खानापूर्ति को उजागर करने के लिए लांच किया है। शासन स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि सड़क की मरम्मत के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी को इसी एप पर फोटो अपलोड करनी होगी।