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गोरखपुर में खुलेगा प्रदेश का पहला सैनिक स्कूल
Thu, 13 Jun 2019 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 01:01 AM IST
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- खाद कारखाने के पास 100 एकड़ में होगा निर्माण, जमीन चिह्नित
- मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल, खुद कर रहे केंद्र में पैरवी गोरखपुर। खाद कारखाना, एम्स, मेट्रो, पिपराइच चीनी मिल और फोरलेन हो रही कई प्रमुख सड़कों के बाद अब गोरखपुर को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। शहर में प्रदेश का पहला केंद्र संचालित सैनिक स्कूल खुलेगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जमीन चिह्नित कर ली गई है और दो दिन के भीतर शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया जाएगा। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस स्कूल को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया है। वे खुद ही इसकी पैरवी भी कर रहे हैं।
- सैनिक स्कूल सतारा, महाराष्ट्र
- सैनिक स्कूल कुंजपुरा, हरियाणा
- सैनिक स्कूल कपूरथला, पंजाब
- सैनिक स्कूल बालाचडी, गुजरात
- सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़, राजस्थान
- सैनिक स्कूल कजाकुटम, केरल
- सैनिक स्कूल पुरूलिया, पश्चिम बंगाल
- सैनिक स्कूल भुवनेश्वर, उड़ीसा
- सैनिक स्कूल अमरवाथीनगर, तमिलनाडु
- सैनिक स्कूल रीवा, मध्य प्रदेश
- सैनिक स्कूल तिलैया, झारखंड
- सैनिक स्कूल बीजापुर, कर्नाटक
- सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, उत्तराखंड
- सैनिक स्कूल नगरोटा, जम्मू कश्मीर
- सैनिक स्कूल इंफाल, मणिपुर
- सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा, हिमाचल प्रदेश
- सैनिक स्कूल नालंदा, बिहार
- सैनिक स्कूल गोपालगंज, बिहार
- सैनिक स्कूल कोरूकोंडा, आंध्र प्रदेश
- सैनिक स्कूल, गोलपारा, असम
- सैनिक स्कूल पुंगलवा, नागालैंड
- सैनिक स्कूल कोडागू, कर्नाटक
- सैनिक स्कूल अम्बिकपुर, छत्तीसगढ़
- सैनिक स्कूल रेवाड़ी, हरियाणा
- सैनिक स्कूल कलिकिरी, आंध्र प्रदेश
- सैनिक स्कूल छिंगछिप, मिजोरम
- नोट:आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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जिले के विभिन्न इलाकों में जमीन तलाशने के बाद जिला प्रशासन को सैनिक स्कूल के लिए खाद कारखाने के पास की जमीन पसंद आई है। प्रशासन ने 100 एकड़ जमीन चिह्नित की है। पुराने खाद कारखाने के पास करीब 950 एकड़ जमीन थी। नए खाद कारखाने का निर्माण करा रही हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) ने इसमें से 600 एकड़ ही जमीन ली है। शासन के निर्देश पर 30-30 एकड़ जमीन पीएसी की महिला बटालियन और पांच एकड़ जमीन एनडीआरएफ को मुहैया कराने के लिए चिह्नित की गई है। बची हुई जमीन में से करीब सौ एकड़ जिला प्रशासन ने सैनिक स्कूल के लिए पसंद की है।
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सिर्फ कक्षा छह और नौ में ही मिलता है दाखिला
सैनिक स्कूलों का उद्देश्य बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी (एनडीए) के लिए तैयार करना है। इन स्कूलों में दाखिले के लिए सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा (एआईएसएसईई) होती है। इन स्कूलों में कक्षा छह और नौ में ही दाखिला मिलता है।
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गोरखपुर में प्रदेश के पहले सैनिक स्कूल का सपना खुद मुख्यमंत्री का है। उन्होंने ही जल्द से जल्द जमीन तलाश कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में खाद कारखाने के पास 100 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। प्रस्ताव इसी सप्ताह मुख्यमंत्री को भेज दिया जाएगा। -
के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम