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14 को रक्तदान कर बनें महादानी
Tue, 11 Jun 2019 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 01:34 AM IST
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- ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में लगेगा शिविर
- एक यूनिट खून देकर आप भी बचा सकते हैं चार लोगों की जान गोरखपुर। स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर 14 जून को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के सहयोग से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा है। सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक आयोजित इस शिविर में 18 से 65 साल के बीच का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। रक्तदाता को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके यादव ने बताया कि रक्तदान करने वालों के ब्लड ग्रुप के साथ ही खून की अन्य जांच भी मुफ्त की जाएगी।
- एक यूनिट में 350 मिलीग्राम खून निकाला जाता है
- रक्तदान के बाद खून की कमी 24 घंटे मेें पूरी हो जाती है
- एक यूनिट खून से एक यूनिट प्लाज्मा, एक यूनिट प्लेटलेट्स, एक यूनिट आरबीसी और एक यूनिट क्रायो मिलता है।
- इन चारों से अलग-अलग चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।
- तीन महीने के अंतराल पर ही दोबारा रक्तदान करना चाहिए।
- रक्तदाता की उम्र 18 से 65 साल के बीच हो
- शरीर का वजन न्यूनतम 45 किलो होना चाहिए
- खाली पेट रक्तदान न करें। पर्याप्त पेय पदार्थ या अल्पाहार जरूर लें
- रक्तदान के आधे घंटे पहले तंबाकू या सिगरेट का सेवन न करें
- शरीर में खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है
- रक्तदान पूर्व की जांच से शरीर की स्थिति का पता चलता है
- हार्टअटैक, ब्लड प्रेशर और कैंसर होने की आशंका कम होती है
- रक्तदान के बाद होने वाले खून की जांच में एचआईवी, एचवीएसएजी, एचसीबी, वीडीआरएल और मलेरिया का भी पता चलता है। इसकी रिर्पोट निगेटिव होने पर ही रक्त सुरक्षित रखा जाता है। पॉजिटीव मिलने पर रक्तदान करने वालों को बीमारी के बारे में बताया जाता है।
- गर्भवती महिलाएं और एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों को
- एनीमिया, कैंसर और टीबी से ग्रस्त लोगों को
- किडनी रोग और हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव, लीवर के मरीजों को
- डायबिटीज, अस्थमा और पीलिया से पीड़ित को
- एक महीने में किसी भी प्रकार का टीकाकरण कराया हो
- लगातार कई दिनों से एंटीबायोटिक और एस्प्रीन दवा का प्रयोग करने वाले को
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