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नहरों की सफाई कर टेल तक पानी पहुंचाएं : कृषि मंत्री
Tue, 04 Jun 2019 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 01:09 AM IST
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surya pratap shahi
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने और नलकूप विभाग को जल्द से जल्द ट्यूबवेल को ठीक कराने का निर्देश दिया है।
सोमवार को एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 2.33 करोड़ कृषक परिवार है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि लागत को घटाना, उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाना तथा कृषि उत्पादों मूल्य संवर्धन एवं विपणन जरूरी है। शाही ने कहा कि यह प्रदर्शनी और गोष्ठी किसानों के लिए काफी लाभकारी होगी। इस दौरान मंडल के प्रत्येक जनपद के दो- दो किसानों को दो -दो किट दिए गए।
इस दौरान कृषि सचिव अमित मोहन ने कहा कि धान के पैदावार के साथ ही दलहन और तिलहन की उत्पादकता को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने खेती के साथ उद्यान पशुपालन, मत्स्य आदि समन्वित व्यवसायिक खेती पर बल दिया। मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने को किसानों को सलाह दी। फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को आच्छादित करने की बात कही। इस मौके पर सचिव पशुपालन ने कहा कि पशुपालन कृषि का विभिन्न अंग है। पशुओं से न केवल दुग्ध उत्पादन प्राप्त होता है, बल्कि उनके गोबर व मूत्र का उपयोग कर कृषि को लाभप्रद एवं गुणवत्ता परक बनाया जा सकता है। उन्होंने गो आश्रय स्थल को जीओ टैगिंग कराने तथा उनके खाने-पीने की व्यवस्था ठीक कराने को कहा।
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वहीं कृषि निदेशक ने दुधारू जानवर पालने तथा खेतों के मेड़ों पर पेड़ लगाने की सलाह दी। निदेशक मत्स्य ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। गोष्ठी में गोरखपुर आजमगढ़ मंडल के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
नोट:आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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सोमवार को एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 2.33 करोड़ कृषक परिवार है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि लागत को घटाना, उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाना तथा कृषि उत्पादों मूल्य संवर्धन एवं विपणन जरूरी है। शाही ने कहा कि यह प्रदर्शनी और गोष्ठी किसानों के लिए काफी लाभकारी होगी। इस दौरान मंडल के प्रत्येक जनपद के दो- दो किसानों को दो -दो किट दिए गए।
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इस दौरान कृषि सचिव अमित मोहन ने कहा कि धान के पैदावार के साथ ही दलहन और तिलहन की उत्पादकता को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने खेती के साथ उद्यान पशुपालन, मत्स्य आदि समन्वित व्यवसायिक खेती पर बल दिया। मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने को किसानों को सलाह दी। फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को आच्छादित करने की बात कही। इस मौके पर सचिव पशुपालन ने कहा कि पशुपालन कृषि का विभिन्न अंग है। पशुओं से न केवल दुग्ध उत्पादन प्राप्त होता है, बल्कि उनके गोबर व मूत्र का उपयोग कर कृषि को लाभप्रद एवं गुणवत्ता परक बनाया जा सकता है। उन्होंने गो आश्रय स्थल को जीओ टैगिंग कराने तथा उनके खाने-पीने की व्यवस्था ठीक कराने को कहा।
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वहीं कृषि निदेशक ने दुधारू जानवर पालने तथा खेतों के मेड़ों पर पेड़ लगाने की सलाह दी। निदेशक मत्स्य ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। गोष्ठी में गोरखपुर आजमगढ़ मंडल के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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