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भोर में भेजी गई 35 हजार किसानों की पहली सूची

Thu, 14 Feb 2019 12:29 AM IST
ajay Kumar अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर Published by: ajay Kumar Updated Thu, 14 Feb 2019 12:29 AM IST
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भोर में भेजी गई 35 हजार किसानों की पहली सूची
किसान
गोरखपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह दिन की कसरत के बाद बुधवार की भोर में पांच बजे 35 हजार किसानों का विवरण पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड कर उसकी सूचना शासन को भेज दी गई। लखनऊ में शासन स्तर से सूची एकत्रित कर केेंद्र सरकार को सूचना भेजी जाएगी।
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उधर पारदर्शी किसान योजना पोर्टल पर पंजीकृत बाकी 4.20 लाख किसानों का सत्यापन और अपलोडिंग का काम भी तेजी से शुरू कर दिया गया है। शाम तक करीब पांच हजार किसानों का विवरण सत्यापन के बाद अपलोड कर दिया गया था। जिला प्रशासन की मंशा है कि 20 फरवरी तक करीब दो लाख किसानों की सूची केंद्र सरकार को भेज दी जाए। यही वजह है कि डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर बुधवार से उप निदेशक कृषि कार्यालय के अलावा विकास भवन स्थित जिला पंचायतीराज विभाग और सभी तहसीलों में भी कंट्रोल रूम बनाकर ऑपरेटर तैनात कर दिए गए हैं, जो सत्यापन के बाद मिल रहे किसानों के विवरण को पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। आठ-आठ घंटे के दो शिफ्ट में कर्मचारी डाटा अपलोड करने में जुटे हैं। 24 को मानबेला में आयोजित भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान आयोजित रैली में प्रधानमंत्री देश भर के तकरीबन 12 करोड़ किसानों के बैंक खातों में किसान सम्मान निधि की पहली किस्त भेजेंगे।
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सीडीओ अनुज सिंह ने बताया कि किसानों की पहली सूची शासन को भेज दी गई है। अब बाकी बचे किसानों का सत्यापन और अपलोडिंग का काम चल रहा है। ज्यादा से ज्यादा किसानों को 24 फरवरी को ही योजना की पहली किस्त दिलाने के लिए अपलोडिंग का काम तेज कर दिया गया है। पंजीकृत किसानों का सत्यापन होने के बाद छूटे हुए किसानों का रजिस्ट्रेशन और सत्यापन शुरू होगा।
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किसानों से वसूली भी होने लगी

मधुपुर। पीएम नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी सत्यापन के नाम पर कुछ तहसीलों के किसानों से वसूली की जा रही है। हालांकि कई जगह भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि खुद अपनी निगरानी में लेखपालों से किसानों के दस्तावेजों का सत्यापन करा रहे हैं। मगर जहां अफसरों और जनप्रतिनिधियों की नजर नहीं पहुंच पा रही, वहां कुछ लेखपाल और गांव के लोग सत्यापन के नाम से 100 से पांच सौ रुपये तक की वसूली कर ले रहे हैं। गोला तहसील के ददरी गांव के राजू यादव का कहना है कि फीस बताकर लेखपाल ने उनसे 100 रुपये ले लिए। इसी तरह उसी गांव के विपिन चौधरी का कहना है कि उनसे भी 100 रुपये मांगे गए। उनकी जेब में 60 रुपये ही थे, जो उन्होंने दे दिए। उनका कहना है कि सबसे 100-100 रुपये वसूले जा रहे हैं।
 
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