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कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर विद्युतीकरण
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:17 AM IST
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इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए तेज हुुआ कार्य
दिसंबर के अंत तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब इस रूट पर जल्द इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू कराने की तैयारी है। इसके लिए बिजली के खंभों और फाउंडेशन बनाए जाने का काम शुरू हो चुका है। इससे उत्साहित यात्रियों का कहना है कि विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी और उन्हें अपने गंतव्य तक जाने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत के दौरान कराया गया था। तबसे इस रूट पर मीटर गेज ट्रेनों का संचालन होता रहा। वर्ष 2010 में इस रेलमार्ग को ब्राडगेज में तब्दील कर दिया गया। आमान परिवर्तन के बाद भी इस रेलखंड पर कम संख्या में ट्रेन चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आज भी इस समस्या से रेल यात्री परेशान है। उधर, सीवान से थावे और कप्तानगंज से नरकटियागंज तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। पिछले सत्र में सरकार की ओर से कप्तानगंज से थावे तक विद्युतीकरण कराए जाने की स्वीकृति भी दे दी गई। इसके बाद इस रूट पर भी विद्युतीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। तमकुहीरोड, गौरी श्रीराम, दुदही, तरयासुजान, तिनफेड़िया, सिपाया, जलालपुर, सासामूसा में भी पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से विद्युतीकरण के लिए फाउंडेशन बनाए जाने काम शुरू करा दिया गया है। बिजली के खंभों को लगाने के लिए चार फीट लंबा चार फीट चौड़ा और छह फीट गहरा गड्ढा खोदकर विशेष सांचे से फाउंडेशन तैयार करने का काम चल रहा है। मंगलवार को मजदूरों ने तमकुहीरोड प्लेटफार्म पर इसके लिए गड्ढों की खुदाई का कार्य किया। रेल यात्री गोविंद सिंह, नरेंद्र मिश्र, अनुज सोनी आदि ने विद्युतीकरण का कार्य शुरू हो जाने पर खुशी जताई। इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। इसका लाभ यात्रियों को मिलेगा और उनकी परेशानी कम होगी। स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि इस रूट पर तेजी से विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। दिसंबर अंत तक कार्य पूरा होने की संभावना है।
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दिसंबर के अंत तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब इस रूट पर जल्द इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू कराने की तैयारी है। इसके लिए बिजली के खंभों और फाउंडेशन बनाए जाने का काम शुरू हो चुका है। इससे उत्साहित यात्रियों का कहना है कि विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी और उन्हें अपने गंतव्य तक जाने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत के दौरान कराया गया था। तबसे इस रूट पर मीटर गेज ट्रेनों का संचालन होता रहा। वर्ष 2010 में इस रेलमार्ग को ब्राडगेज में तब्दील कर दिया गया। आमान परिवर्तन के बाद भी इस रेलखंड पर कम संख्या में ट्रेन चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आज भी इस समस्या से रेल यात्री परेशान है। उधर, सीवान से थावे और कप्तानगंज से नरकटियागंज तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। पिछले सत्र में सरकार की ओर से कप्तानगंज से थावे तक विद्युतीकरण कराए जाने की स्वीकृति भी दे दी गई। इसके बाद इस रूट पर भी विद्युतीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। तमकुहीरोड, गौरी श्रीराम, दुदही, तरयासुजान, तिनफेड़िया, सिपाया, जलालपुर, सासामूसा में भी पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से विद्युतीकरण के लिए फाउंडेशन बनाए जाने काम शुरू करा दिया गया है। बिजली के खंभों को लगाने के लिए चार फीट लंबा चार फीट चौड़ा और छह फीट गहरा गड्ढा खोदकर विशेष सांचे से फाउंडेशन तैयार करने का काम चल रहा है। मंगलवार को मजदूरों ने तमकुहीरोड प्लेटफार्म पर इसके लिए गड्ढों की खुदाई का कार्य किया। रेल यात्री गोविंद सिंह, नरेंद्र मिश्र, अनुज सोनी आदि ने विद्युतीकरण का कार्य शुरू हो जाने पर खुशी जताई। इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। इसका लाभ यात्रियों को मिलेगा और उनकी परेशानी कम होगी। स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि इस रूट पर तेजी से विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। दिसंबर अंत तक कार्य पूरा होने की संभावना है।
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