{"_id":"5b5b7f004f1c1b1e308b74e3","slug":"151532722944-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाथ पंथ की दीक्षा ले धर्मेंद्र बने योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाथ पंथ की दीक्षा ले धर्मेंद्र बने योगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 28 Jul 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
गोरखनाथ मंदिर
- फोटो : SELF
गोरखपुर। बिहार के रोहतास जिले के किरहुंडी गांव के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह ने शुक्रवार को सांसारिक जीवन को त्याग कर मंदिर के प्रमुख पुजारी कमलनाथ से नाथ पंथ की दीक्षा लेकर धर्मेंद्रनाथ योगी बन गए। उनके परिजनों को योग धारण करने की जानकारी पहले ही हो गई थी। उनकी मां ने बेटे से घर लौटने को कहा था पर वह वापस नहीं गए। गुरुपूर्णिमा पर मंदिर में एक नए योगी का समावेश हो गया। धर्मेंद्र दास योगी ने बताया कि उन्होंने यूपी कालेज वाराणसी से बीएससी की पढ़ाई पूरी की है। एमएससी की पढ़ाई के दौरान तीन साल तक देश के विभिन्न धर्म स्थलों का भ्रमण किया। काशी के अस्सी घाट पर अनेक संतों से मिला।
काफी अध्ययन के बाद उन्होंने नाथ पंथ में दीक्षा लेने का निर्णय लिया। वह योगी आदित्यनाथ से उसी दौरान मिले थे। अपनी मंशा उनसे बताई तो उन्होंने नाथ पंथ के बारे में अध्ययन करने को कहा। पांच से छह महीने के अध्ययन के बाद तय किया कि वह अब योग धारण करेंगे। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने नाथ पंथ की दीक्षा लेकर सांसारिक जीवन से अपने आप को अलग कर लिया।
विज्ञापन
काफी अध्ययन के बाद उन्होंने नाथ पंथ में दीक्षा लेने का निर्णय लिया। वह योगी आदित्यनाथ से उसी दौरान मिले थे। अपनी मंशा उनसे बताई तो उन्होंने नाथ पंथ के बारे में अध्ययन करने को कहा। पांच से छह महीने के अध्ययन के बाद तय किया कि वह अब योग धारण करेंगे। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने नाथ पंथ की दीक्षा लेकर सांसारिक जीवन से अपने आप को अलग कर लिया।
विज्ञापन