{"_id":"599b36be4f1c1bcc058b4a58","slug":"151503344318-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंसेफेलाइटिस से दो दिन में चार मौतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंसेफेलाइटिस से दो दिन में चार मौतें
Updated Tue, 22 Aug 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज में 48 घंटों में इंसेफेलाइटिस पीड़ित चार मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ इस साल अब तक बीमारी से मरने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 157 हो गई है।
इंसेफेलाइटिस से मरने वालों में कुशीनगर का तीन वर्षीय अरमान, देवरिया की 12 साल की जूही, बस्ती की दो साल की हर्षिता और बिहार के सिवान निवासी 12 वर्षीय गुड़िया है। इसके अलावा 22 नए मरीज भर्ती भी हुए। इस वर्ष अब तक 598 मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो चुके हैं। इसमें 77 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।
बाल रोग विभाग में नहीं थम रही मौतें
मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में मौतें थम नहीं रही हैं। रविवार को इंसेफेलाइटिस पीड़ित मासूमों समेत कुल 18 बच्चों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 12 मौतें शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में हुई। पीडियाट्रिक आईसीयू में छह मौतें हुईं। इसमें इंसेफेलाइटिस मरीज भी शामिल थे।
मेडिकल कॉलेज में 48 घंटों में इंसेफेलाइटिस पीड़ित चार मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ इस साल अब तक बीमारी से मरने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 157 हो गई है।
इंसेफेलाइटिस से मरने वालों में कुशीनगर का तीन वर्षीय अरमान, देवरिया की 12 साल की जूही, बस्ती की दो साल की हर्षिता और बिहार के सिवान निवासी 12 वर्षीय गुड़िया है। इसके अलावा 22 नए मरीज भर्ती भी हुए। इस वर्ष अब तक 598 मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो चुके हैं। इसमें 77 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।
विज्ञापन
बाल रोग विभाग में नहीं थम रही मौतें
मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में मौतें थम नहीं रही हैं। रविवार को इंसेफेलाइटिस पीड़ित मासूमों समेत कुल 18 बच्चों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 12 मौतें शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में हुई। पीडियाट्रिक आईसीयू में छह मौतें हुईं। इसमें इंसेफेलाइटिस मरीज भी शामिल थे।
विज्ञापन