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एक् शन में नगर आयुक्त
Updated Sun, 04 Jun 2017 02:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
नगर आयुक्त का कामकाज संभालते ही प्रेम प्रकाश सिंह एक्शन में हैं। उन्होंने शनिवार को गोरखनाथ और राप्ती नगर नाले का निरीक्षण किया। नाला गंदा मिला। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित अफसरों से कहा कि एक्शन प्लान बनाकर नालों की सफाई कराएं। इससे शहर के तमाम इलाकों में जलभराव की समस्या है। इससे पहले नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को कूड़ेदान के इस्तेमाल और साफ-सफाई की शपथ दिलाई है। रविवार को भी नगर आयुक्त ने सुबह 11 बजे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन से संबंधित मीटिंग बुलाई है।
नगर आयुक्त ने एचएन चौराहा, खजनी और चरगावां नाला भी देखा। साफ-सफाई चल रही थी लेकिन नगर आयुक्त संतुष्ट नहीं दिखे। नगर आयुक्त ने कहा कि नाले के अंतिम छोर से सफाई शुरू की जाए। नाले का अतिक्रमण और गुरदइया नाला देखा। इसमें शहर के ज्यादातर नालों का कचरा आता है। बरगदवां से चंद्रा पेट्रोल पंप गोरखनाथ के नाले की सफाई से असंतुष्ट दिखे। नगर आयुक्त ने कहा कि अब जरूरत एक्शन का है। बातचीत से काम नहीं चलेगा। तीन दिन बाद दोबारा नालों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि नाला गंदा मिला तो संबंधित सुपरवाइजर, सफाई नायक या फिर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। देरशाम नगर आयुक्त ने डीएम राजीव रौतेला से मुलाकात की। साथ ही कहा कि शहर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। यह काम शासन की प्राथमिकता में है। अब शहर को चमकाया जाएगा। जमा कूड़ा हटाया जाएगा।
- नालों में गंदगी देख आयुक्त ने जताई नाराजगी
- राप्तीनगर और गोरखनाथ नालों का निरीक्षण किया
- कूड़ेदान इस्तेमाल और साफ-सफाई की दिलाई शपथ
डस्टबिन में डालें गीला, सूखा कूड़ा
नगर निगम सभागार में नगर आयुक्त ने दो रंग के डस्टबिन ( हरा एवं नीला) के इस्तेमाल की जानकारी दी। कहा कि हरे डस्टबिन में गीला और नीले में सूखा कूड़ा डालना चाहिए। इसके लिए जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाने की जरूरत है। अफसर-कर्मचारी दफ्तर को साफ रखें। दफ्तर में पोस्टर और बैनर लगाकर जागरूकता फैलाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। बड़े अफसर वार्डों के सफाई की जिम्मेदारी संभाल लें। इससे समस्या का समाधान हो जाएगा। विशेष अभियान चलाकर धार्मिक स्थल, अस्पताल और सार्वजनिक स्थलों की सफाई भी कराई जाएगी।
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मुख्यमंत्री के आने से पहले शहर चमकाने की मुहिम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 14 जून पांचवीं बार गोरखपुर आएंगे और 15 जून तक शहर में रहेंगे। इससे पहले ही शहर को साफ-सुथरा बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसकी कमान खुद नगर आयुक्त ने संभाली है। वह फील्ड में जाकर नालों के साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जता चुके हैं नाराजगी
चार बार के दौरे में मुख्यमंत्री ने शहर के साफ-सफाई पर कड़ी नाराजगी जताई थी। पूर्व नगर आयुक्त बीएन सिंह को फटकार भी लगी थी। सही काम न करने का हवाला देकर ही नगर आयुक्त का ट्रांसफर किया गया था।
मेयर के पीछे निगम मुख्यालय में घुसा सांड़
गोरखपुर (ब्यूरो)।
नगर निगम मुख्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था शनिवार को देखने पहुंची मेयर डॉ. सत्या पांडेय के पीछे-पीछे मुख्यालय में सांड़ भी घुस गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। मेयर दफ्तर के मुख्य बरामदे को छोड़कर नीचे उतर आईं और सांड़ आराम से बरामदे में घूमता रहा। इससे कैटिल कैचिंग दस्ते की सतर्कता और अभियान की पोल खुल गई। यह दस्ता शहर के आवारा जानवरों को पकड़ता है लेकिन निगम मुख्यालय में ही आवारा सांड़ घूमता नजर आया। मुख्यालय परिसर में तमाम जगह गोबर भी बिखरा मिला है।
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गोरखपुर।
नगर आयुक्त का कामकाज संभालते ही प्रेम प्रकाश सिंह एक्शन में हैं। उन्होंने शनिवार को गोरखनाथ और राप्ती नगर नाले का निरीक्षण किया। नाला गंदा मिला। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित अफसरों से कहा कि एक्शन प्लान बनाकर नालों की सफाई कराएं। इससे शहर के तमाम इलाकों में जलभराव की समस्या है। इससे पहले नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को कूड़ेदान के इस्तेमाल और साफ-सफाई की शपथ दिलाई है। रविवार को भी नगर आयुक्त ने सुबह 11 बजे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन से संबंधित मीटिंग बुलाई है।
नगर आयुक्त ने एचएन चौराहा, खजनी और चरगावां नाला भी देखा। साफ-सफाई चल रही थी लेकिन नगर आयुक्त संतुष्ट नहीं दिखे। नगर आयुक्त ने कहा कि नाले के अंतिम छोर से सफाई शुरू की जाए। नाले का अतिक्रमण और गुरदइया नाला देखा। इसमें शहर के ज्यादातर नालों का कचरा आता है। बरगदवां से चंद्रा पेट्रोल पंप गोरखनाथ के नाले की सफाई से असंतुष्ट दिखे। नगर आयुक्त ने कहा कि अब जरूरत एक्शन का है। बातचीत से काम नहीं चलेगा। तीन दिन बाद दोबारा नालों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि नाला गंदा मिला तो संबंधित सुपरवाइजर, सफाई नायक या फिर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। देरशाम नगर आयुक्त ने डीएम राजीव रौतेला से मुलाकात की। साथ ही कहा कि शहर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। यह काम शासन की प्राथमिकता में है। अब शहर को चमकाया जाएगा। जमा कूड़ा हटाया जाएगा।
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- नालों में गंदगी देख आयुक्त ने जताई नाराजगी
- राप्तीनगर और गोरखनाथ नालों का निरीक्षण किया
- कूड़ेदान इस्तेमाल और साफ-सफाई की दिलाई शपथ
डस्टबिन में डालें गीला, सूखा कूड़ा
नगर निगम सभागार में नगर आयुक्त ने दो रंग के डस्टबिन ( हरा एवं नीला) के इस्तेमाल की जानकारी दी। कहा कि हरे डस्टबिन में गीला और नीले में सूखा कूड़ा डालना चाहिए। इसके लिए जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाने की जरूरत है। अफसर-कर्मचारी दफ्तर को साफ रखें। दफ्तर में पोस्टर और बैनर लगाकर जागरूकता फैलाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। बड़े अफसर वार्डों के सफाई की जिम्मेदारी संभाल लें। इससे समस्या का समाधान हो जाएगा। विशेष अभियान चलाकर धार्मिक स्थल, अस्पताल और सार्वजनिक स्थलों की सफाई भी कराई जाएगी।
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मुख्यमंत्री के आने से पहले शहर चमकाने की मुहिम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 14 जून पांचवीं बार गोरखपुर आएंगे और 15 जून तक शहर में रहेंगे। इससे पहले ही शहर को साफ-सुथरा बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसकी कमान खुद नगर आयुक्त ने संभाली है। वह फील्ड में जाकर नालों के साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जता चुके हैं नाराजगी
चार बार के दौरे में मुख्यमंत्री ने शहर के साफ-सफाई पर कड़ी नाराजगी जताई थी। पूर्व नगर आयुक्त बीएन सिंह को फटकार भी लगी थी। सही काम न करने का हवाला देकर ही नगर आयुक्त का ट्रांसफर किया गया था।
मेयर के पीछे निगम मुख्यालय में घुसा सांड़
गोरखपुर (ब्यूरो)।
नगर निगम मुख्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था शनिवार को देखने पहुंची मेयर डॉ. सत्या पांडेय के पीछे-पीछे मुख्यालय में सांड़ भी घुस गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। मेयर दफ्तर के मुख्य बरामदे को छोड़कर नीचे उतर आईं और सांड़ आराम से बरामदे में घूमता रहा। इससे कैटिल कैचिंग दस्ते की सतर्कता और अभियान की पोल खुल गई। यह दस्ता शहर के आवारा जानवरों को पकड़ता है लेकिन निगम मुख्यालय में ही आवारा सांड़ घूमता नजर आया। मुख्यालय परिसर में तमाम जगह गोबर भी बिखरा मिला है।