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अब पत्थर मारने से नहीं टूटेंगे ट्रेन की खिड़कियों के शीशे

Mon, 15 Apr 2019 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 15 Apr 2019 01:28 AM IST
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Now train window are not broken by stones
डेमो - फोटो : डेमो
अब पत्थर मारने से भी ट्रेनों के शीशे नहीं टूटेंगे। कोच की खिड़कियों के शीशे जल्द ही विनाइल कोटेड होंगे। इससे पत्थर लगने के बाद भी ये शीशे टूटकर बिखरेंगे नहीं। पत्थरबाजों के हमले में ड्राइवर और यात्री, दोनों ही सुरक्षित रहेंगे। देश के सभी प्रमुख ट्रेनों में नई तकनीक के शीशे लगाए जाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण ट्रेनों को भी पहले चरण में चुना गया है।
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पूर्वोत्तर रेलवे में भी चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं आम होने लगी हैं। देश में सबसे तेज तेज ट्रेन वंदे भारत पर कई बार पत्थरबाजी हो चुकी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने अब नया विकल्प खोजा है। विनाइल कोटेड शीट लगने के बाद पत्थर लगने से शीशे चटक जाएंगे पर टूटकर बिखरेंगे नहीं। अभी चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनने वाले कोचों में विनायल कोटेड शीट की कोटिंग की जा रही है। अब कपूरथला सहित दूसरे कोच फैक्ट्री में भी इस तकनीक का इस्तेमाल शुरू होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक विनाइल कोटेड शीट लगने से मजबूती तो आएगी ही कोच में बैठे यात्री बाहर आसानी से देख सकेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से कोच की खिड़कियों पर विनाइल कोटेड शीट लगाए जा रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे की वीआईपी ट्रेनों पहले इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ड्राइवर और यात्री सुरक्षित सफर कर सकेंगे।
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विनायल कोट की खासियत

विनायल कोटेड शीट के शीशों में ज्यादा मजबूती होती है। यह एक पतली फिल्म जैसी होती है, जिसे एक निश्चित प्रेशर पर शीशे में लगाया जाता है। इसके लगने के बाद पत्थर मारने पर वह अंदर नहीं जाएगा बल्कि टकराने पर दोबारा उसी तरफ लौटेगा। शीशे में दरार हो सकती है लेकिन वह टूटकर बिखरेगा नहीं।
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गोरखपुर में भी हुए हैं हमले

- 17 सितंबर 2016 को रक्सौल से दिल्ली जा रही सत्याग्रह एक्सप्रेस (15273) पर कुछ मनबढ़ों ने डोमिनगढ़ स्टेशन पर पथराव कर दिया था। इससे इंजन का शीशा टूट गया था। ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी थी, आरपीएफ के पहुुंचने के बाद ही ट्रेन रवाना हुई थी।

25 नवंबर 2017 को दिल्ली से आ रही आनंद विहार स्पेशल ट्रेन पर भी मनबढ़ों ने डोमिनगढ़ स्टेशन के पास पथराव किया था। इसमें स्लीपर कोच में एक यात्री को चोट भी आई थी।

नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।  
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