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नए रेलमार्गों के निर्माण से अब पूर्वोत्तर रेलवे में सरपट दौडे़ंगी ट्रेनें
Sat, 29 Dec 2018 08:17 AM IST
Priyesh Mishra
अमर उजाला/गाोरखपुर
अमर उजाला/गाोरखपुर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 29 Dec 2018 08:17 AM IST
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गोरखपुर। नए साल में पूर्वोत्तर रेलवे के दायरे में ट्रेनें सरपट दौडे़ंगी। नई लाइनें बिछने से सहूलियत होगी। इस साल 21 बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डोमिनगढ़-गोरखपुर कैंट तीसरी लाइन पर जहां ट्रेन दौड़ने लगेंगी वहीं गोरखपुर से नकहा जंगल के बीच दूसरी लाइन भी तैयार हो जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के मुताबिक औड़िहार-जौनपुर (59.55 किमी.) का दोहरीकरण भी वर्ष 2019-20 में पूरा करने का लक्ष्य है। बीसलपुर-शाहजहांपुर (47.09 किमी.) आमान परिवर्तन, नई लाइन परियोजना में हथुआ-भटनी के तहत पंचदेवरी-भटनी (47 किमी), गाजीपुर सिटी-औड़िहार दोहरीकरण परियोजना के तहत तरांव-अंकुशपुर-गाजीपुर सिटी (27 किमी), बलिया-गाजीपुर सिटी दोहरीकरण परियोजना (65.1 किमी.), मल्हौर-डालीगंज दूसरी लाइन, भटनी-औड़िहार, इंदारा-मऊ, फेफना-इंदारा, मऊ-शाहगंज (इंदारा-मऊ छोड़कर), रेवती-बकुलहा, वाराणसी-माधोसिंह-इलाहाबाद (120.20 किमी.), गाजीपुर सिटी-औड़िहार दोहरीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
वहीं छपरा-बलिया (65 किमी), वाराणसी-प्रयागराज (134 किमी), मनकापुर-कटरा-अयोध्या (37.65 किमी), औड़िहार-जौनपुर (59.55 किमी), कप्तानगंज-थावे (80 किमी.), मथुरा-कासगंज कल्याणपुर (338 किमी), कासगज-बरेली, भोजीपुरा-डालीगंज (401 किमी.), घटपुरी-भोजीपुरा-सीतापुर-मैलानी-डालीगंज (327 किमी) रेल खंडों का विद्युतीकरण भी इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
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सीपीआरओ संजय यादव के मुताबिक रेलवे ट्रैक पर दूसरी और तीसरी लाइन बनने से ट्रेनों को चलाने में आसानी होगी। ट्रेनें समय से चलेंगी। विद्युतीकरण कार्य होने से रफ्तार भी बढ़ेगी। सभी परियोजनाओं को वर्ष 2020 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के मुताबिक औड़िहार-जौनपुर (59.55 किमी.) का दोहरीकरण भी वर्ष 2019-20 में पूरा करने का लक्ष्य है। बीसलपुर-शाहजहांपुर (47.09 किमी.) आमान परिवर्तन, नई लाइन परियोजना में हथुआ-भटनी के तहत पंचदेवरी-भटनी (47 किमी), गाजीपुर सिटी-औड़िहार दोहरीकरण परियोजना के तहत तरांव-अंकुशपुर-गाजीपुर सिटी (27 किमी), बलिया-गाजीपुर सिटी दोहरीकरण परियोजना (65.1 किमी.), मल्हौर-डालीगंज दूसरी लाइन, भटनी-औड़िहार, इंदारा-मऊ, फेफना-इंदारा, मऊ-शाहगंज (इंदारा-मऊ छोड़कर), रेवती-बकुलहा, वाराणसी-माधोसिंह-इलाहाबाद (120.20 किमी.), गाजीपुर सिटी-औड़िहार दोहरीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
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वहीं छपरा-बलिया (65 किमी), वाराणसी-प्रयागराज (134 किमी), मनकापुर-कटरा-अयोध्या (37.65 किमी), औड़िहार-जौनपुर (59.55 किमी), कप्तानगंज-थावे (80 किमी.), मथुरा-कासगंज कल्याणपुर (338 किमी), कासगज-बरेली, भोजीपुरा-डालीगंज (401 किमी.), घटपुरी-भोजीपुरा-सीतापुर-मैलानी-डालीगंज (327 किमी) रेल खंडों का विद्युतीकरण भी इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
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सीपीआरओ संजय यादव के मुताबिक रेलवे ट्रैक पर दूसरी और तीसरी लाइन बनने से ट्रेनों को चलाने में आसानी होगी। ट्रेनें समय से चलेंगी। विद्युतीकरण कार्य होने से रफ्तार भी बढ़ेगी। सभी परियोजनाओं को वर्ष 2020 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।