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वार्डों में बढ़ेंगे सफाई कर्मचारी, सुधरेगी सफाई व्यवस्था
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 04 May 2018 01:13 AM IST
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नगर निगम में मेयर ने बैठक की।
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गोरखपुर। सपा और बसपा पार्षदों के विरोध के बावजूद नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नगर निगम की आय में बढ़ोतरी के साथ शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जनसंख्या के आधार पर सभी वार्डों में 10 से 15 सफाई कर्मचारी बढ़ाने और पार्षद वरीयता के 10 लाख रुपये के काम कराने का भी निर्णय लिया गया।
मेयर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को नगर निगम के अतिथि गृह में कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस दौरान सपा के सदस्यों शहाब अंसारी, विश्वजीत त्रिपाठी आदि ने बिना मेयर, नगर निगम बोर्ड और कार्यकारिणी की स्वीकृति के ने नगर निगम के फंड से मेडिकल कॉलेज में 15 करोड़ के काम कराने पर आपत्ति जताई। बसपा पार्षदों ने भी इसका विरोध किया। वे नारेबाजी करते हुए बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। हालांकि नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने बताया कि इसे बिना ब्याज के कर्ज के रूप में दिया गया है।
- 10 लाख तक पार्षद वरीयता के काम तीन दिन में स्वीकृत कर एक सप्ताह में कोटेशन के जरिए शुरू कराए जाएंगे
- सेवानिवृत्ति के बाद ट्यूबवेल के भवन और आसपास की जमीन पर काबिज पंप आपरेटरों को हटाया जाएगा। नगर निगम द्वारा तैनात कर्मचारियों को वह भवन किराये पर दिया जाएगा
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- लाइसेंस विभाग में आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की तैनाती कर वसूली बढ़ाई जाएगी
- नगर निगम में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों को पीडब्लूडी शेड्यूल के आधार पर मानदेय दिया जाएगा
- जलकल विभाग में 14 अवर अभियंता शासन से उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया
- नगर निगम में स्वीकृत पत्रावली की लायबिल्टी (देनदारी) की जांच होगी। जरूरी न हुआ तो उसे निरस्त किया जाएगा
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मेयर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को नगर निगम के अतिथि गृह में कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस दौरान सपा के सदस्यों शहाब अंसारी, विश्वजीत त्रिपाठी आदि ने बिना मेयर, नगर निगम बोर्ड और कार्यकारिणी की स्वीकृति के ने नगर निगम के फंड से मेडिकल कॉलेज में 15 करोड़ के काम कराने पर आपत्ति जताई। बसपा पार्षदों ने भी इसका विरोध किया। वे नारेबाजी करते हुए बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। हालांकि नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने बताया कि इसे बिना ब्याज के कर्ज के रूप में दिया गया है।
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बैठक में हुए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- मानक के विपरीत किसी भी निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी- 10 लाख तक पार्षद वरीयता के काम तीन दिन में स्वीकृत कर एक सप्ताह में कोटेशन के जरिए शुरू कराए जाएंगे
- सेवानिवृत्ति के बाद ट्यूबवेल के भवन और आसपास की जमीन पर काबिज पंप आपरेटरों को हटाया जाएगा। नगर निगम द्वारा तैनात कर्मचारियों को वह भवन किराये पर दिया जाएगा
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- लाइसेंस विभाग में आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की तैनाती कर वसूली बढ़ाई जाएगी
- नगर निगम में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों को पीडब्लूडी शेड्यूल के आधार पर मानदेय दिया जाएगा
- जलकल विभाग में 14 अवर अभियंता शासन से उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया
- नगर निगम में स्वीकृत पत्रावली की लायबिल्टी (देनदारी) की जांच होगी। जरूरी न हुआ तो उसे निरस्त किया जाएगा