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जनता दरबार में सीएम ने सुनी फरियाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 01 Jan 2018 07:50 PM IST
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गोरखनाथ मंदिर में सीएम दफ्तर के बाहर जुटे फरियादी।
- फोटो : Amar Ujala
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कड़ाके की सर्दी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगाया। वह तीन घंटे तक फरियादियों से मिले। सबकी बातें सुनीं और सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री सोमवार की सुबह करीब छह बजे ही कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनने के लिए बैठ गए। सुबह ही 700 से ज्यादा फरियादी मंदिर पहुंच गए थे। इनमें 300 से ज्यादा महिलाएं थीं। मुख्यमंत्री से लोग मिलते और अपनी बात कहते रहे। छोटी से लेकर बड़ी समस्याएं रखी गईं। ज्यादातर शिकायतें जमीन के मामलों से संबंधित थीं। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पास की एक महिला अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ पहुंची। मुख्यमंत्री से मिलीं और कहा कि बेटे को ब्लड कैंसर है। आर्थिक सहायता नहीं मिली तो बेटे का इलाज नहीं हो पाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने मदद का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अफसरों से कहा कि जरूरी प्रक्रिया पूरी कराके आवेदन फार्म शासन को उपलब्ध कराएं। कैंसर पीड़ित की मदद की जाएगी। आरपी सिंह कुछ साथियों के साथ सीएम के पास पहुंचे और कहा कि सरकारी नौकरी मिली थी, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं हो सकी। इस संबंध में हाईकोर्ट का आदेश भी है। सपा, बसपा सरकार ने मामले को उलझाए रखा था। भाजपा सरकार से उम्मीद थी, लेकिन अब तक निराशा हाथ लगी है। जनता की समस्याओं को सुनने के बाद जब सीएम उठे तो भी लाइन लगी थी। जो लोग नहीं मिल पाए, उनके प्रार्थनापत्र एकत्रित कर संबंधित अधिकारियों के पास भेजे गए।
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मुख्यमंत्री सोमवार की सुबह करीब छह बजे ही कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनने के लिए बैठ गए। सुबह ही 700 से ज्यादा फरियादी मंदिर पहुंच गए थे। इनमें 300 से ज्यादा महिलाएं थीं। मुख्यमंत्री से लोग मिलते और अपनी बात कहते रहे। छोटी से लेकर बड़ी समस्याएं रखी गईं। ज्यादातर शिकायतें जमीन के मामलों से संबंधित थीं। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पास की एक महिला अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ पहुंची। मुख्यमंत्री से मिलीं और कहा कि बेटे को ब्लड कैंसर है। आर्थिक सहायता नहीं मिली तो बेटे का इलाज नहीं हो पाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने मदद का भरोसा दिया।
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मुख्यमंत्री ने संबंधित अफसरों से कहा कि जरूरी प्रक्रिया पूरी कराके आवेदन फार्म शासन को उपलब्ध कराएं। कैंसर पीड़ित की मदद की जाएगी। आरपी सिंह कुछ साथियों के साथ सीएम के पास पहुंचे और कहा कि सरकारी नौकरी मिली थी, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं हो सकी। इस संबंध में हाईकोर्ट का आदेश भी है। सपा, बसपा सरकार ने मामले को उलझाए रखा था। भाजपा सरकार से उम्मीद थी, लेकिन अब तक निराशा हाथ लगी है। जनता की समस्याओं को सुनने के बाद जब सीएम उठे तो भी लाइन लगी थी। जो लोग नहीं मिल पाए, उनके प्रार्थनापत्र एकत्रित कर संबंधित अधिकारियों के पास भेजे गए।
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