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रोजगार सेवकों ने प्रदर्शन किया
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:32 PM IST
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सिद्धार्थनगर। लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान साथियों पर लाठीचार्ज से क्षुब्ध रोजगार सेवकों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। परिसर में धरना देकर लाठीचार्ज के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी मांगे पूरी न होने पर 12 अक्टूबर को विधानसभा का घेराव करेंगे।
ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के बैनर तले धरने को संबोधित करते हुए जिला संयोजक कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि नौ सूत्री मांगों को लेकर रोजगार सेवक लक्ष्मण मेला मैदान में 12 सितंबर से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते आ रहे हैं। आंदोलनकारियों के प्रति सहानुभूति जताने की बजाए 25 सितंबर को रोजगार सेवकों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया। इसमें तमाम रोजगार सेवक जख्मी हुए। उनका उपचार तो नहीं कराया गया, अलबत्ता उल्टे केस दर्ज कर लिया गया। सरकार का यह रवैया निंदनीय है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंचायत सचिवों की भर्ती पर रोक लगाने, नगर निकाय में शामिल हो चुकी ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों को समायोजित व स्थानांतरित करने, समूह-ग का वेतन देने सहित अन्य मांगों के पूरा होने तक रोजगार सेवकों का संघर्ष जारी रहेगा। वक्ताओं ने लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, 91 रोजगार सेवकों व संगठन के पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में मनोज पांडेय, अखंड प्रताप, दिलीप पांडेय, सुनील कुमार ठकुराई, संगीता देवी, रेखा पांडेय, रमेश विश्वकर्मा, संजीव कुमार आदि शामिल रहे।
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ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के बैनर तले धरने को संबोधित करते हुए जिला संयोजक कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि नौ सूत्री मांगों को लेकर रोजगार सेवक लक्ष्मण मेला मैदान में 12 सितंबर से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते आ रहे हैं। आंदोलनकारियों के प्रति सहानुभूति जताने की बजाए 25 सितंबर को रोजगार सेवकों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया। इसमें तमाम रोजगार सेवक जख्मी हुए। उनका उपचार तो नहीं कराया गया, अलबत्ता उल्टे केस दर्ज कर लिया गया। सरकार का यह रवैया निंदनीय है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंचायत सचिवों की भर्ती पर रोक लगाने, नगर निकाय में शामिल हो चुकी ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों को समायोजित व स्थानांतरित करने, समूह-ग का वेतन देने सहित अन्य मांगों के पूरा होने तक रोजगार सेवकों का संघर्ष जारी रहेगा। वक्ताओं ने लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, 91 रोजगार सेवकों व संगठन के पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में मनोज पांडेय, अखंड प्रताप, दिलीप पांडेय, सुनील कुमार ठकुराई, संगीता देवी, रेखा पांडेय, रमेश विश्वकर्मा, संजीव कुमार आदि शामिल रहे।
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