{"_id":"5a020c454f1c1b9f678b9dcf","slug":"131510083653-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 08 Nov 2017 01:24 AM IST
विज्ञापन
ज्ञापन देते जाते शिक्षक संघ के लोग।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश मंत्री तारकेश्वर शाही के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एडीएम फाइनेंस को ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने निकाय चुनाव में मतदान अधिकारी चतुर्थ के रूप में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर आपत्ति जताई है। कहा कि यह शिक्षकों का अपमान है। इसके साथ ही महिला शिक्षकों को ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि वेतनमान के मुताबिक परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी पीठासीन अधिकारी प्रथम के रूप में लगती रही है और महिला शिक्षकों को निर्वाचन में ड्यूटी से मुक्त रखा जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है। विसंगति दुरुस्त नहीं किए जाने पर शिक्षकों के निर्वाचन कार्य के बहिष्कार की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में त्रिपुरारी दुबे, शिव प्रताप यादव, शिव प्रसाद शर्मा, भारतेंदु यादव, संजय राज सिंह, अमरेंद्र शाही, प्रवीण पांडेय, चंद्रनाथ राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि वेतनमान के मुताबिक परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी पीठासीन अधिकारी प्रथम के रूप में लगती रही है और महिला शिक्षकों को निर्वाचन में ड्यूटी से मुक्त रखा जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है। विसंगति दुरुस्त नहीं किए जाने पर शिक्षकों के निर्वाचन कार्य के बहिष्कार की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में त्रिपुरारी दुबे, शिव प्रताप यादव, शिव प्रसाद शर्मा, भारतेंदु यादव, संजय राज सिंह, अमरेंद्र शाही, प्रवीण पांडेय, चंद्रनाथ राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन