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लोक कला उत्सव में दिखे परंपरा के रंग
Updated Mon, 30 Oct 2017 08:54 PM IST
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लोककला की प्रस्तुति देते कलाकार।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। लोक कलाओं एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग की ओर से सोमवार को वैष्णवी लॉन में ‘लोक कला उत्सव’ का आयोजन हुआ। इसमें लोक कला के विविध रंग उभरे। कलाकारों ने पारंपरिक लोक गीत और लोक नृत्यों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संरक्षक डॉ. रूप कुमार बनर्जी, वरिष्ठ कलाकार हरिप्रसाद सिंह, राकेश उपाध्याय, रमेश चंद और कार्यक्रम अधिकारी लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने दीप जलाकर किया। इसके बाद गाजीपुर से आए सुनील कुमार ने धोबिया नृत्य पेश किया। बड़हलगंज से आए राम सिंह यादव और करिश्मा शास्त्री ने देशभक्ति रचना ‘रामकृष्ण गौतम गांधी लिहले अवतार हो...’ सुनाकर लोगों में जोश भर दिया। गोरखपुर आकाशवाणी की कलाकार इंदु गुप्ता ने पूर्वी की तान छेड़ी। ‘बारी रे उमरिया में कोरी बा चुनरिया...’ गाकर उन्होंने खूब तालियां बटोरीं।
लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने पहले देवी गीत ‘सोनवे के माई के मंदिरवा...’ सुनाया। इसके बाद गोदना गीत ‘कोई गोदवा ई हो गोदनवा...’ गाकर लोक परंपरा के रंग बिखेरे। वाद्यों पर संगत अशोक बाल्मीक, गौरव मिश्र, उत्तम मिश्र, अजित उपाध्याय, बेचन, माधव, किशोर गुप्ता ने दिया। संचालन नवीन पांडेय ने किया।
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शुभारंभ मुख्य अतिथि भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संरक्षक डॉ. रूप कुमार बनर्जी, वरिष्ठ कलाकार हरिप्रसाद सिंह, राकेश उपाध्याय, रमेश चंद और कार्यक्रम अधिकारी लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने दीप जलाकर किया। इसके बाद गाजीपुर से आए सुनील कुमार ने धोबिया नृत्य पेश किया। बड़हलगंज से आए राम सिंह यादव और करिश्मा शास्त्री ने देशभक्ति रचना ‘रामकृष्ण गौतम गांधी लिहले अवतार हो...’ सुनाकर लोगों में जोश भर दिया। गोरखपुर आकाशवाणी की कलाकार इंदु गुप्ता ने पूर्वी की तान छेड़ी। ‘बारी रे उमरिया में कोरी बा चुनरिया...’ गाकर उन्होंने खूब तालियां बटोरीं।
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लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने पहले देवी गीत ‘सोनवे के माई के मंदिरवा...’ सुनाया। इसके बाद गोदना गीत ‘कोई गोदवा ई हो गोदनवा...’ गाकर लोक परंपरा के रंग बिखेरे। वाद्यों पर संगत अशोक बाल्मीक, गौरव मिश्र, उत्तम मिश्र, अजित उपाध्याय, बेचन, माधव, किशोर गुप्ता ने दिया। संचालन नवीन पांडेय ने किया।
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